Lockdown: दिल्ली में यमुना किनारे जमा हुए हजारों प्रवासी मजदूर, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रतिदिन बढ़ते मामलों से लोगों में महामारी का डर बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच प्रवासी मजदूर लॉकडाउन और सामाजिक दूरी का उल्लंघन कर के केंद्र और राज्य सरकारों की मुश्किलें और बढ़ रहे हैं। मंगलवार को मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाद आज (बुधवार) दिल्ली में कश्मीरी गेट के पास गार्डन में और युमना नदी के किनारे हजारों की संख्या में दिहड़ी मजदूर जमा हो गए। हालांकि बाद में प्रशासन द्वारा उन्हें डीटीसी बसों में बिठाकर अलग-अलग शेल्टर होम में ले जाया गया।

Recommended Video

    Lockdown Delhi: Yamuna किनारे सैकड़ों Labour, Social Distancing की उड़ी धज्जियां | वनइंडिया हिंदी
    Thousands of migrant laborers gathered near Yamuna River in Delhi

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मजदूरों का कहना है कि उन्हें खाना और पानी नहीं मिल रहा है, पास के गुरुद्वारे से कभी-कभी कुछ खाने को मिल जाता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मजदूरों को दिल्ली के अलग-अलग शेल्टर होम में ले जाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि यह साफ नहीं है कि ये सारे मजदूर अपने राज्यों में जाने के लिए यहां इकट्ठा हुए थे या फिर कोई और वजह थी। मजदूरों में सोशल डिस्टेंसिंग और मुंह पर मास्क भी नहीं दिखाई दिया।

    बता दें कि लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू हो चुका है और सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि लोगों को खाना और रहने की जगह मुहैया कराई गई है। लेकिन दिल्ली से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं उसमें हजारों लोग एक स्थान पर इकट्ठा हुए हैं। कई लोगों ने बताया है कि यहां खाने की व्यवस्था नहीं है, पहले सरकार की तरफ से खाना मिल जाता था लेकिन बीते कुछ दिनों से केवल एक ही समय का भोजन मिल पा रहा है।

    ट्विटर पर यमुना किनारे फ्लाईओवर के नीचे रहे रहे कुछ मजदूरों की तस्वरें सामने आ रही हैं जिसमें कई मजदूर एक ही स्थान पर बैठे और लेटे दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि बीते दिनों कश्मीरी गेट के एक शेल्टर होम में आग लगने के बाद वहां के कई मजदूर यहां रहने के लिए आ गए थे। इसी बीच ट्विटर पर एक और वीडियो सामने आया है जो दिल्ली में रह रहे दिहाड़ी मजदूरों की हालत को बयां करता है।

    पत्रकार सौरभ शुक्ला ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें कई मजदूर जमीन पर पड़े केले के ढेर में खाने लायक केले की तलाश कर रहे हैं। वीडियो से साथ सौरभ ने कैप्शन में लिखा, 'ये तस्वीरें बताती हैं कि प्रवासी मजदूरों पर क्या गुजर रही है, सड़े हुए केले कोई डाल गया है और ये मजदूर ढूंढ रहे हैं कि कोई केला ठीक मिल जाए तो पेट को कुछ तो आराम मिले.. ये तस्वीरें निगमबोध घाट के पास की हैं जहां हजारों मजदूर यमुना किनारे पुल के नीचे जिंदगी गुजार रहे हैं...।'

    यह भी पढ़ें: कोरोना योद्धा : DSP पत्नी-डॉक्टर पति ने शादी के बाद संभाला मोर्चा, बच्चों ने घर से सैल्यूट कर बढ़ाया मनोबल

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+