Yes Bank पर कार्रवाई की इस कंपनी को क्या पहले से थी जानकारी, जो दो दिन पहले ही निकाल लिए करोड़ो रुपए?
Two days before the ban on yes bank, Vadodara Smart City Development Company of Gujarat had withdrawn the amount of 265 crores deposited in Yes Bank. Know whether this company was already aware of the ban on Yes Bank. गुजरात की इस कंपनी को थी येस बैंक पर बैन लगने की सूचना थी, दो दिन पहले निकाल लिए
बेंगलुरु। यस बैंक के जमाकर्ताओं के पिछला गुरुवार का दिन बड़ी आफत लेकर आया। यस बैंक के डूबने की खबर से खाताधारकों को अपने जमापूंजी की चिंता सता रही हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के ऐलान के बाद से यस बैंक के ग्राहक अपना पैसा निकालने के लिए एटीएम के बाहर लंबी कतार में देर रात तक खड़े रहे। हालांकि सरकार और आरबीआई उन्हें भरोसा दे रही है कि उनका पैसा सुरक्षित है, इसके बावजूद लोगों को भरोसा नहीं हो रहा इसी वजह से हड़कंप मचा हुआ है। लेकिन एक कंपनी ऐसी है जिसने यस बैंक पर कार्रवाई होन के दो दिन पहले करोड़ों की राशि बैंक से निकाल ली थी। ऐसे में सवाल उठता हैं कि क्या इस कंपनी को पहले से ही यस बैंक पर बैन लगने का क्या पता चल चुका था? जानिए कौन सी हैं वो कंपनी और क्या है सच्चाई

दो दिन पहले ही इस कंपनी ने निकाल लिए 265 करोड़ रुपए
बता दें भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गुरुवार को येस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपये निकासी सीमा तय करने के एक दिन पहले ही गुजरात की वडोदरा स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी ने येस बैंक में जमा 265 करोड़ की धनराशि निकाल ली थी। उक्त कंपनी ने येस बैंक से उक्त राशि दूसरे बैंक में जमा कर दी।

महानगरपालिका के उपायुक्त ने बताई ये बात
इसकी जानकारी वडोदरा महानगरपालिका के उपायुक्त प्रशासन सुधीर पटेल के अनुसार स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अनुदान के लिए हिस्से के रुप में यह धनराशि केन्द्र से यह धनराशि मिली थी। जिसे येस बैंक की स्थानीय शाखा में जमा करवाया गया था। उन्होंने मीडिया में ये भी खुलासा किया कि दो दिन पहले ऐस बैंक की समस्याओं पर विचार-विमर्श करने के बाद धनराशि को सुरक्षित करने के लिए धनराशि निकाल कर बैंक ऑफ बड़ौदा में इस राशि को जमा करवा दिया गया। उपायुक्त के इस बयान से साफ हैं कि आरबीआई के येस बैंक पर बैन लगाने की भनक वड़ोदरा की इस कंपनी को पहले ही हो गई थी, जिसके चलते उसने बैन से पूर्व अपनी करोड़ो की धनराशि सुरक्षित कर ली।
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वो 5 डिफॉल्टर कंपनियां जिन्होंने यस बैंक को डुबाया
लोन बांटने में भारी लापरवाही ने ही उसे डुबो दिया है। बैंक ने बिना गहराई से पड़ताल किए डिफॉल्टरों को दबाकर कर्ज बांटे और सारे के सारे बैड लोन में तब्दिल हो गए। इसके चेयरमैन ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए थे। बता दें कि यस बैंक के कर्जदारों में बड़ी नामी कंपनियां भी शामिल हैं और इन सब पर यस बैंक को डुबोने के आरोप लग रहे हैं। अनिल अंबानी ग्रुप, एस्सेल ग्रुप, आईएलएफएस, डीएचएफएल और वोडाफोन जैसी कंपनियों ने यस बैंक से लोन लिया था, जो डिफॉल्टर साबित हुए हैं। वित्त मंत्री के मुताबिक ये सारे मामले 2014 के पहले के हैं।

Yes Bank बैंक पर 2017 से ही निगरानी रखी जा रही थी
सरकार की मानें तो कुछ गिनी-चुनी कंपनियां और प्रभावी लोग ही इस संकट के लिए जिम्मेदार हैं, जिन को बैंक ने आंख मूंद कर लोन दिया और वे सारे के सारे डिफॉल्टर साबित हो गए। जब कंपनियां डूब गईं तो वह यस बैंक का कर्ज कहां से चुकाएंगी, लिहाजा एक दिन ऐसा आया जब आरबीआई को सख्त कदम उठाने पड़ गए। खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यस बैंक पर 2017 से ही निगरानी रखी जा रही थी और उसपर प्रतिदिन के हिसाब से नजर रखा जा रहा था। आरबीआई ने बैंक के प्रशासनिक मुद्दों और वित्तीय मसलों पर नियंत्रण रखने में कुछ खामियां नोटिस की थी। जब आरबीआई ने जोखिम भरे लोन जारी करने की बातें पाईं तो उसने प्रबंधन में बदलाव की सलाह दी थी। बता दें कि गुरुवार देर रात में आरबीआई ने यस बैंक के बोर्ड को भंग करके निकासी से संबिधित पाबंदियां लगा दी हैं।

इन 5 परिस्थितियों में निकाल सकेंगे 5 लाख रुपए
गौरतलब हैं कि आरबीआई ने येस बैंक के ग्राहकों के लिए 50 हजार रुपये की निकासी सीमा तय की है। आरबीआई ने यह लिमिट 3 अप्रैल 2020 तक के लिए तय की है। हालांकि कुछ मामलों में खाता धारक 50 हजार से ज्यादा कैश निकाल सकते हैं। लेकिन, ऐसे मामलों में भी खाता धारक अपने खाते से 5 लाख रुपए से ज्यादा रकम नहीं निकाल पाएंगे। जिन मामलों में खाता धारकों को 50 हजार रुपए से ज्यादा कैश निकालने की छूट मिलेगी उनमें खाताधारक या उसके आश्रितों के मेडिकल इलाज के लिए, खाता धारक या उसके आश्रितों की उच्च शिक्षा के लिए, खाता धारक या उसके आश्रितों के शादी खर्च के लिए, खाता धारक या उसके आश्रितों की कोई अनिवार्य इमरजेंसी की स्थिति में ही 50 हजार से अधिक रुपए निकाल सकेंगे।

सैलरी अकाउंट वालों को करना होगा ये काम
आरबीआई ने कहा है कि बैंक में जमा धनराशि पर ब्याज भी दिया जाएगा। इसके अलावा अगर आप अपने यस बैंक के खाते से किसी ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं, तो आपको तुरंत ईएमआई रिसीव करने वाले बैंक या हाउसिंग कंपनी से बात करनी होगी और मामला सुलझाने के लिए एक महीने की विंडो के लिए कहना होगा। वहीं, अगर आपकी सैलरी आपके यस बैंक के खाते में आती है तो सबसे पहले आपको अपने एचआर से बात करनी होगी। एचआर से बात करके आप अपनी सैलरी के लिए किसी दूसरे खाते की डिटेल दे सकते हैं।

वित्त मंत्री ने खाताधारकों को दिया ये आश्वासन
वित्त मंत्री यस बैंक के मामले पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि खाताधारकों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है और ग्राहकों के पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं, जल्द ही भारतीय रिजर्व बैंक नई योजनाओं के साथ इस संकट से निपटने का रास्ता निकाल लेगा। मैं खाताधारकों और निवेशकों को आश्वासन दिलाना चाहती हूं कि सरकार और आरबीआई इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। घबराने की जरूरत नहीं है, सबके पैसे सुरक्षित हैं। हमने एक नियमावली बनाई है, जो सभी के हित में होगी।'

पूर्व प्रबंध निदेशक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज
परवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार देर शाम को यस बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राणा कपूर के निवास पर छापा मारा। ईडी ने यह छापा मुंबई के वर्ली स्थित उनके घर 'समुद्र महल' पर मारा है। उनके घर पर ईडी के अधिकारी तलाशी भी की गई प्रवर्तन निदेशालय ने राणा कपूर के खिलाफ मानी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस भी दर्ज कर लिया है।












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