116वीं थेवर जयंती पर गुरु पूजा के लिए मदुरै में जुटे नेता, नेताजी के करीबी स्वतंत्रता सेनानी के बारे में जानिए
तमिलनाडु का मुदरै शहर सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर की जयंती के अवसर पर सुरक्षा किले में तब्दील हो गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी रहे फॉर्वर्ड ब्लॉक के नेता मुथुरामलिंग थेवर को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और विपक्षी नेता शशिकला भी शामिल रहीं।
30 अक्टूबर, 2023 को थेवर की 116वीं जयंती मनायी जा रही है, जिसे उनके अनुयायी गुरु पूजा के रूप में मनाते हैं। यह उनकी 61वीं गुरु पूजा है और इस मौके पर सीएम स्टालिन और शशिकला ने उनकी आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीएम स्टालिन और शशिकला ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ थेवर को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में तमिलनाडु के मंत्री पी मूर्ति, पलानीवेल थियागा राजन, डीएमके के वरिष्ठ नेता एमएलए जी थलापति, मदुरै की मेयर इंद्रानी पोन वसंत जैसे लोग भी शामिल हैं।
थेवर जयंती के लिए मदुरै में भारी सुरक्षा के इंतजाम
थेवर जयंती को लेकर मदुरै में वीआईपी मूवमेंट को देखते देखते हुए डीजीपी शंकर जयवाल समेत तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शहर के चप्पे-चप्पे का पहले ही मुआयना किया था। खासकर उन्होंने गोरिपालयम में पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त की, जहां स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि देने के लिए नेताओं और अनुयायियों की भारी भीड़ जुटी है।
इस विशेष अवसर पर सुरक्षा इंतजाम के लिए 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। क्योंकि, दूर-दूर से लोग थेवर की गुरु पूजा के लिए सोमवार को मदुरै में जुटे हैं। मुख्य सभा स्थल तक सिर्फ नेताओं की कारों को ही जाने की इजाजत दी गई है और अन्य वाहनों के लिए शहर में रूट-डायवर्ट किए गए हैं। तमिलनाडु पुलिस किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती, इसके लिए मदुरै शहर से बाहर में भी ग्रामीण जिले में 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
पूरे मदुरै शहर में यातायात को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए सोमवार सुबह 6 बजे से लेकर रात साढ़े 10 बजे तक के लिए ट्रकों की एंट्री रोकी गई है। इस दौरान पुलिस ड्रोन कैमरों से भी सुरक्षा इंतजाम की निगरानी कर रही है। इस समारोह के लिए खास तौर पर शहर में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
थेवर जयंती पर पहुंचे कई दिग्गज
मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के अलावा इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले महत्वपूर्ण हस्तियों में एआईएडीएमके से निष्कासित ओ पन्नीरसेल्वम, वीके शशिकला के अलावा एएमएमके चीफ टीटीवी दिनाकरन भी शामिल हैं।
कौन थे पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर?
पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर फॉर्वर ब्लॉक के नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के वे बहुत ही करीबी थे और आजादी के आंदोलन में उन्होंने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के पसुम्पोन में 30 अक्टूबर, 1908 को जन्मे थेवर स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ एक आध्यात्मिक नेता भी थे।
मुकुलथोर समाज में देवताओं की तरह होती है पूजा
मुकुलथोर समाज में उनकी इतनी अधिक प्रतिष्ठा है कि लोग उन्हें देवताओं की तरह पूजते हैं। यही वजह है कि उनकी जयंती को लोग गुरु पूजा के रूप में मनाते हैं। 30 अक्टूबर के दिन खासकर मुकुलथोर समाज के लोग उनकी पूजा करते हैं और इस अवसर पर प्रसाद भी चढ़ाते हैं।
आजादी की लड़ाई
आजादी की लड़ाई की शुरुआत उन्होंने बहुत ही कम उम्र में कांग्रेस के सदस्य के रूप में की थी। 1927 में जब वे मद्रास में कांग्रेस के एक सत्र में स्वयं सेवक के रूप में शामिल हुए थे, तब वे सिर्फ 19 वर्ष के थे। उनके बारे में कहा जाता है कि नेताजी की आजाद हिंद फौज में उन्होंने अपने समाज के लोगों को बड़ी तादाद में जोड़ा था, जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पूरी ताकत झोंक दी थी।












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