दो बच्चियों के रेप और मौत मामले में नहीं मिला इंसाफ, अब पीड़ित मां लड़ेंगी सीएम के खिलाफ चुनाव

Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan

तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के खिलाफ उस महिला ने चुनाव लड़ने का एलान किया है जिनकी दो नाबालिग लड़कियां सेक्सुअल एसॉल्ट के बाद घर में मृत पायी गयीं थीं। पीड़ित मां ने मुख्यमंत्री की सीट धर्मदम से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री विजयन ने उनका भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा, मैं अपनी बच्चियों की अमानुषिक मौत पर मुख्यमंत्री विजयन से मिली थी। उनके सामने रोई थी, गिड़गिड़ायी थी कि मेरी बच्चियों की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाएं। पुलिस ने जानबूझ कर ठीक से जांच नहीं की। मैंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गुहार लगायी थी। उन्होंने एक्शन लेने का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन अफसोस, उन्होंने कुछ भी नहीं किया। मेरी बेटियों को इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने कुछ आरोपियों को सत्तारुढ़ सीपीएम का सक्रिय सदस्य बताया था। तो क्या वामपंथी सरकार ने अपने समर्थकों को बचा लिया ? अब उन्होंने कहा है, मैं इस अन्याय के विरोध में ही मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ रही हूं। कांग्रेस ने इनको समर्थन देने की घोषणा की है। इसके बाद विजयन कांटे के मुकाबले में फंसते दिख रहे हैं।

क्या हुआ था 2017 में ?

क्या हुआ था 2017 में ?

केरल के पलक्कड़ जिले का एक शहर है वालयार। 13 जनवरी 2017 को वालयार में 13 साल की एक लड़की अपने घर में फंदे से लटकी मिली थी। लड़की की एक और छोटी बहन थी जिसकी उम्र नौ साल थी। उसने पुलिस को बताया था कि जिस दिन उसकी बड़ी बहन की मौत हुई उस दिन उसके कमरे से दो लड़कों को निकलते देखा था। वे मुंह ढके हुए थे। लड़की की मां ने कहा था एक आरोपी ने पहले भी उनकी बड़ी बेटी के साथ गलत हरकत की थी जिसके लिए उन्होंने उसे डांट लगायी थी। घटना के दिन मां घर पर नहीं थीं। बड़ी बहन की मौत के करीब दो महीने बाद छोटी लड़की भी अपने घर में मृत पायी गयी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हुई थी। पीड़ित मां ने छह लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया था। वालयार की स्थानीय पुलिल ने इस मामले की जांच की। लड़की की मां ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था।

रेप के आरोपियों को रिहा करने पर हंगामा

रेप के आरोपियों को रिहा करने पर हंगामा

पुलिस ने तफ्तीश के बाद पलक्कड़ की पोक्सो अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपी। जिला पोक्सो अदालत ने 2019 में पांच आरोपियों को इस आधार पर रिहा कर दिया कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। तब पीड़ित मां ने केरल हाईकोर्ट में इस मामले की फिर सुनवाई की गुहार लगायी। जब रेप के आरोपियों को रिहा किया गया था तब पूरे केरल में इसके खिलाफ प्रदर्शन किये गये थे। केरल विधानसभा में भी इसस मामले में जोरदार हंगामा हुआ था। कांग्रेस के सदस्य इस घटना की सीबीआइ से जांच कराने की मांग कर रहे थे। जब दो दिनों तक सदन में हंगामा होते रहा तो मुख्यमंत्री पी विजयन ने बताया कि जांच करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना ने केरल की राजनीति में तूफान ला दिया था।

हाईकोर्ट की टिप्पणी से सरकार पर सवाल

हाईकोर्ट की टिप्पणी से सरकार पर सवाल

7 जनवरी 2021 को केरल हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया। हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने पलक्क़ड़ जिला पोक्सो अदालत उस आदेश को रद्द कर दिया जिसके तहत रेप के आरोपियों को रिहा किया गया था। केरल हाईकोर्ट ने कहा था, पोक्सो अदालत का यह आदेश न्याय की हत्या करने के समान है। पोक्सो अदालत के तौर तरीकों पर हाईकोर्ट ने असंतोष जाहिर किया था। कोर्ट ने कहा था कि इस घटना की जांच में गंभीर खामियां पायी गयी हैं। जांच करने वाला पुलिस अधिकारी छोटी बहन की मौत के एक सप्ताह बाद भी कोई वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में विफल रहा था। अब इस मामले में दोबारा विचार करने की जरूरत है। इस तरह हाईकोर्ट ने दोनों बहनों की मौत में दोबार मुकदमा चलाने का आदेश दिया।

पीड़ित मां इंसाफ के लिए चुनाव मैदान में

पीड़ित मां इंसाफ के लिए चुनाव मैदान में

कोर्ट के इस फैसले के बाद विजयन सरकार पर सवाल उठने लगे। पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगने लगा। तब दामन बचाने के लिए मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस साल जनवरी में इस मामले की सीबीआइ से जांच कराने की सिफारिश की। अब पीड़ित लड़की की मां का कहना है, "सरकार ने सिर्फ बड़ी लड़की की मौत का मामले में सीबीआइ जांच की सिफारिश की है। मैंने छोटी लड़की की मौत का मामला भी सीबीआइ को सौंपने के लिए कोर्ट से गुहार लगायी है। इस मामले में सरकार का रवैया इंसाफ के खिलाफ है। जिस जांच अधिकारी ने मेरी बेटियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी उसे प्रोमोशन दे दिय गया।" पीड़ित लड़की की मां ने कहा है, मैंने अपनी बेटियों को अपमानजनक परिस्थितियों में खोया है। मुझे इंसाफ चाहिए। जब मैंने इस घटना के खिलाफ नीति यात्रा निकाली थी तब मैंने धर्मपद विधानसभा क्षेत्र की माताओं से कहा था कि आप अपने मुख्यमंत्री से पूछिए कि क्या वालयार की दो बहनों को इंसाफ मिल गया ? अब मैं इसी सवाल पर यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हूं। मुझे संघ परिवार को छोड़ कर सबका समर्थन मंजूर है। इस मामले में मुख्यमंत्री विजयन का कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी है। हमने किसी का दिल नहीं दुखाया है। अगर वे (पीड़ित मां) किसी के कहने पर चुनाव लड़ना चाहती हैं तो वे इसके लिए स्वतंत्र हैं।

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