‘बीजेपी वर्कर की गोमाँस तस्करी के आरोप में गिरफ़्तारी’ का सच

‘बीजेपी वर्कर की गोमाँस तस्करी के आरोप में गिरफ़्तारी’ का सच

दावा: गुजरात में भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता को गोमाँस की तस्करी के जुर्म में गिरफ़्तार कर लिया गया है और उसकी कार पुलिस ने ज़ब्त कर ली है.

इस दावे के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो को कई फ़ेसबुक पन्नों और ग्रुप्स में शेयर किया गया है.

फ़ेसबुक सर्च के अनुसार इस वीडियो को दस लाख से अधिक बार देखा जा चुका है.

वीडियो के शुरुआती हिस्से में एक फ़ोटो इस्तेमाल किया गया है जिसमें एक शख़्स सड़क पर बैठा हुआ दिखाई देता है और उसके इर्द-गिर्द माँस के कुछ टुकड़े बिखरे हुए हैं.

तस्वीर में दिखाई देता है कि उस शख़्स के आस-पास खड़े लोग उसे घूर रहे हैं.

वीडियो के दूसरे हिस्से में दो अन्य तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जिनमें अभियुक्त की गाड़ी और उसमें भरे माँस को दिखाने की कोशिश की गई है.

वीडियो में इस घटना को हाल ही का बताया गया है. लेकिन जब हमने इस वीडियो की पड़ताल की तो इन सभी दावों को फ़र्ज़ी पाया.



'झारखंड मॉब लिचिंग' की फ़ोटो

रिवर्स सर्च में हमने पाया कि इस वीडियो को सार्वजनिक तौर से फ़ेसबुक पर सबसे पहले 'साक्षी शर्मा' नाम की प्रोफ़ाइल ने पोस्ट किया था.

इस प्रोफ़ाइल पेज से बीते तीन महीने में क़रीब 50 हज़ार लोगों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

https://www.facebook.com/cuti.pie.3114935/videos/321839711949761/

तस्वीरों की जाँच में हमने पाया कि सबसे पहली तस्वीर 28 जून 2017 की है.

ये वाक़या झारखंड के रांची शहर से सटे रामगढ़ का था, जहाँ मांस ले जा रहे अलीमुद्दीन नामक एक युवक की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी.

अलीमुद्दीन की हत्या के बाद ग़ुस्साए लोगों ने उनकी गाड़ी में आग भी लगा दी थी. उनकी कार का नंबर WB 02K 1791 था.

अलीमुद्दीन की पत्नी ने बीबीसी को ये भी बताया था कि उनके पति पेशे से ड्राइवर थे और किसी राजनीतिक पार्टी से उनका कोई वास्ता नहीं था.

जब ये घटना हुई थी, उस समय बीबीसी को एक चश्मदीद ने बताया था कि भीड़ में शामिल लोग हल्ला कर रहे थे कि उनकी कार में गाय का मांस है. इसके बाद वहां लोगों की संख्या बढ़ती चली गई. सबने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नीचे उतारकर मारने लगे. इस दौरान कुछ लोगों ने पेट्रोल छिड़क कर उनकी गाड़ी में आग लगा दी.

झारखंड की रामगढ़ कोर्ट ने कथित तौर पर गाय का मांस ले जा रहे एक युवक की पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) के मामले में 11 कथित गौ-रक्षकों को हत्या का दोषी करार दिया है.

रामगढ़ ज़िले की पुलिस ने मॉब-लिंचिंग के इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं को गिरफ़्तार भी किया था. अलीमुद्दीन की पत्नी ने इन्हें नामज़द अभियुक्त बनाया था.

वहीं इस मामले में 11 कथित गौ-रक्षकों को रामगढ़ कोर्ट ने हत्या का दोषी क़रार दिया था.

झारखंड: मॉब-लिंचिंग में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी

जब मोदी निंदा कर रहे थे तभी अलीमुद्दीन मारा गया

पुलिस की नज़र में कोई मामला नहीं

वीडियो के दूसरे हिस्से में गुजरात के अहमदाबाद की नंबर प्लेट वाली एक सफ़ेद कार का फ़ोटो इस्तेमाल किया गया है और तस्वीर पर भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न 'कमल' बना हुआ है.

इसके साथ इस्तेमाल किए गए एक अन्य फ़ोटो में कुछ पुलिस वाले भी हैं जिन्होंने दो लोगों को गिरफ़्तार कर रखा है.

इन तस्वीरों के बारे में गुजरात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से हमने बात की.

उन्होंने कहा कि गोमांस की तस्करी के आरोप में बीते वर्षों में कोई बीजेपी कार्यकर्ता गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

अहमदाबाद शहर के भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जगदीश पंचाल ने बीबीसी से बातचीत में अपने किसी कार्यकर्ता के गिरफ़्तार होने की ख़बर को फ़र्ज़ी बताया.

उन्होंने कहा, "पिछले काफ़ी अरसे में बीजेपी के किसी भी सक्रिय कार्यकर्ता पर अहमदाबाद में गोमाँस की तस्करी का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है."

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