जाने- नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के दस कारण

बैंगलोर। पूरा देश गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्‍म दिन मना रहा है। अभी हाल ही में भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार घोषित किये गये मोदी से देश की जनता को काफी उम्‍मीदें हैं, जो अब कई गुना बढ़ गई हैं। लोगों को विश्‍वास है कि अगर मोदी प्रधानमंत्री बनते है तो देश में व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार में कमी आयेगी, विदेश नीति में दृढ़ता आयेगी, रोजगार के नये अवसर खुलेंगे और देश विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।

मोदी का दृढ़ व्‍यक्तित्‍व और उनके द्वारा गुजरात में किये गये विकास कार्य उन्‍हें लोगों के बीच एक एक विकास पुरूष के रूप में स्‍थापित कर रहे हैं। मोदी के नेतृत्‍व में आज गुजरात ने नई ऊंचाईयां हासिल की हैं, चाहे वहां का आधारभूत ढ़ाचा हो, पर्यटन हो या फिर उद्योग हो हर जगह पिछले दस वर्षों में प्रदेश ने प्रगति की है। वहीं अगर अन्‍य प्रदेशों से गुजरात की तुलना कानून व्‍यवस्‍था या सांप्रदायिक सौहार्द के सम्‍बंध में की जाये तो यहां पिछले दस वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ है, जबकि दूसरे राज्‍यों में कानून व्‍यवस्‍था एक बड़ी चुनौती है।

इसके बावजूद अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो कि मोदी पर सवाल उठाते रहते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि देश की जनता को मोदी का समर्थन क्‍यों करना चाहिए-

विकास

विकास

एक फिल्‍म में अभिनेत्री विद्या बालन ने कहा था कि फिल्‍म की सफलता के लिए सिर्फ तीन बातें ही जरूरी होती है, इंटरटेनमेंट, इंटरटेनमेंट और इंटरटेनमेंट। इसी तरह मोदी द्वारा गुजरात में किये गये प्रदर्शन के आधार पर कहा जा सकता है कि चुनाव जीतने के लिए सिर्फ डेवलपमेंट, डेवलपमेंट और डेवलपमेंट ही जरूरी है। यह पहली बार होगा जब भारत में चुनाव 'विकास' के मुद्दे पर होगा। इसके बावजूद मोदी को वोट न देना और उनका 2014 में हार जाना कुछ वैसा ही होगा, जैसे कि इंग्‍लैंड की क्रिकेट टीम से स्पिन विकेट पर टीम इंडिया का हार जाना।

आधारभूत ढ़ांचा

आधारभूत ढ़ांचा

गुजरात के बरूच में रहने वाले वनइंडिया के कर्मचारी अनुज प्रजापति का कहना है कि मैं अक्‍सर अलग अलग राज्‍यों में जाता रहता हूं और बिजली की समस्‍याएं देखता हूं, लेकिन हमारे यहां ऐसा नहीं है। इसके अलाावा एक वक्‍त ऐसा भी था जब सौराष्‍ट्र के कुछ क्षेत्र पानी की गंभीर समस्‍या से परेशान थे, वहां पानी के टैंकर द्वारा जल पहुंचाना ही एक मात्र विकल्‍प था लेकिन पिछले कुछ वर्षों में किये गये सुधार के बाद आज सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी आसानी से पहुंच रहा है। पिछले दिनों इंफोसिस के संस्‍थापक नारायणमूर्ति ने गुजरात की तारीफ करते हुए कहा था कि यहां का आधारभूत ढ़ांचा अन्‍य राज्‍यों से बेहतर है।

भ्रष्‍टाचार से मुक्‍त गुजरात

भ्रष्‍टाचार से मुक्‍त गुजरात

एक समय था जब ज्‍यादातर मंत्री भ्रष्‍टाचार के आरोपों का सामना कर रहे थे लेकिन अपने कार्यालय में 4000 दिन बिताने के बाद भी नरेंद्र मोदी पर एक भी भ्रष्‍टाचार का आरोप नहीं लगा है। उनके विरोधी पर उन पर उद्योगों के लिए सस्‍ती जमीन बेचने का आरोप लगा सकते हैं लेकिन मोदी ने इसका कैसे इस्‍तेमाल किया, इसे हम ऐसे भी समझ सकते हैं कि एक कोई ऐसा ग्रामीण क्षेत्र जहां पर लोग पूरी तरह से कृषि पर ही निर्भर हैं, वहां पर जमीन की कीमत 300रूपये प्रति स्‍क्‍वायर मीटर है लेकिन सरकार ने एक लाख स्‍क्‍वायर मीटर जमीन उद्योग लगाने के लिए कंपनी को देते हुए उसे 150 रूपये प्रति मीटर की दर से 1,50,00,000 बेंच दी। अब आने वाले वक्‍त में यहां जो भी निवेशक आयेंगे, उन्‍हें नये रेट पर जमीन दी जायेगी। निवेशकों के आने से रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। वहीं जमीन बेचने वाले किसान की गरीबी भी दूर हो जायेगी। इसी फार्मूले पर आधारित होने के कारण जो जमीन 500 मीटर प्रति स्‍क्‍वायर की दर से बेची गई थी आज उसकी कीमत 1500 मीटर प्रति स्‍क्‍वायर हो गयी है।

कानून व्‍यवस्‍था

कानून व्‍यवस्‍था

भले ही कभी कभी मीडिया में प्रचारित किया जाता हो कि गुजरात में भय का वातावरण है पर गुजरात में महिलाएं सुरक्षित हैं, नवरात्र में रात में भी महिलाएं आती जाती है। जबकि कांग्रेस के शासन काल और आज के शासन की तुलना करें तो पता चलता है कि अपराध की दर अब पहले की तुलना में नहीं के बराबर है।

मोदी का मकसद

मोदी का मकसद

मोदी का विजन उन्‍हें लोगों से अलग करता है। एक समय काकरिया झील को गुजरात में एक बेकार स्‍थान माना जाता था, पर इस झील के नवनिर्माण ने आज अहमदाबाद की खूबसूरती में चार चांद लगा दिये हैं। इसके अलावा आज जहां कई प्रदेशों की सरकारें ऊर्जा के नवीन स्रोतों की तरफ ध्‍यान आकर्षित नहीं कर पा रही हैं, वहीं मोदी ने एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्‍लांट गुजरात में लगाया है। गुजरात में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बेहतर ढंग से प्रयोग किया जा रहा है।

साम्‍प्रदायिक सौहार्द्र

साम्‍प्रदायिक सौहार्द्र

कांग्रेस द्वारा समय समय पर आरोप लगाये गये हैं कि गुजरात में मुस्लिम महफूज नहीं हैं जबकि सच तो यह है कि पूरे राज्‍य में समुदाय के खिलाफ किसी भी तरह के अपराध का रिकॉर्ड नहीं मिलता है। वहीं 2002 के बाद राज्‍य में कहीं भी दंगे जैसे हालात नहीं बने हैं। जो कि अन्‍य राज्‍यों में अक्‍सर होते रहे हैं।

पर्यटन

पर्यटन

पिछले दस वर्षों में गुजरात के पर्यटन को काफी बढ़ावा मिला है। कच्‍छ का रेगिस्‍तान और ऐतिहासिक महत्‍व के कई स्‍थानों की वजह से आज गुजरात पर्यटन को विश्‍व में स्‍थान मिला है। अभिनेता अमिताभ बच्‍चन के पर्यटन का ब्रांड एम्‍बेसडर बनाये जाने के बाद देश के पर्यटन को और भी पहचान मिली है।

गुजरात अस्मिता

गुजरात अस्मिता

आज देश भर में गुजरात को एक अलग नजर से देखा जाता है। वह वक्‍त अब नहीं रहा जब इसे 'गोकुल गांव' के नाम से जाना जाता था। आज विदेशों में गुजरातियों को सम्‍मान प्राप्‍त हो रहा है।

एक लोकप्रिय नेता

एक लोकप्रिय नेता

मोदी ने एक लोकप्रिय नेता होने की बात को साबित किया है। वह तीन बार लगातार गुजरात के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिला चुके हैं। जो कि उनकी लोकप्रियता को साबित करता है।

कोई कारण नहीं

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अगर उपरोक्‍त सभी कारणों से आप सहमत नहीं हैं तो आप को सहमत करने का और कोई तरीका नहीं हो सकता है।

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