Telangana Tunnel Collapse: जीवित रहने की संभावना बहुत कम, सुरंग में फंसे 8 लोगों को बचाने अभियान जारी
Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना के नागरकुरनूल में श्रीशैलम बांध के पीछे प्रस्तावित 44 किलोमीटर लंबी सुरंग शनिवार सुबह ढह गई, जिससे आठ मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए। ये मजदूर रिसाव की मरम्मत कर रहे थे, जब सुरंग का एक हिस्सा ढह गया। अधिकांश मजदूर बचने में सफल हो गए, लेकिन आठ मजदूर और कंट्रक्शन कंपनी के चार कर्मचारी सुरंग के मलबे में फंसे हैं। शनिवार से उनका संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है।
राज्य के मंत्री कृष्ण राव ने कहा है कि इन मजदूरों के बचने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि सुरंग में कीचड़ और पानी भरने की वजह से बचाव अभियान में बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मलबा इतना अधिक जमा हो गया है कि बचावकर्मियों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, बचाव कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।

बचाव कार्य में सेना, NDRF, और राज्य एजेंसियां पहले से जुटी हुई हैं, साथ ही नौसेना के कमांडो भी मदद के लिए पहुंचे हैं। उत्तराखंड के 2023 सिल्क्यारा सुरंग अभियान के विशेषज्ञ भी इस बचाव अभियान में शामिल हो गए हैं। बचाव दल सुरंग के अंदर 100 मीटर तक पहुंच चुका है, लेकिन पानी और कीचड़ के कारण आगे बढ़ना कठिन हो रहा है।
बचने की संभावना बहुत कम है
मंत्री कृष्ण राव ने कहा, "सुरंग के अंदर मलबा इतना अधिक है कि चलना असंभव हो गया है। बचावकर्मी रबर ट्यूब और लकड़ी के तख्तों का इस्तेमाल कर रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बचने की संभावना बहुत कम है, हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।"
बचावकर्मियों ने सुरंग की दीवारों में दरारों का भी उल्लेख किया, जहां से पानी बाहर आ रहा था और उसे निकालने की जरूरत थी। साथ ही, सुरंग की छत के अस्थिर होने का खतरा भी बताया गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
PM मोदी और राहुल गांधी की भी नजर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से फोन पर बात कर बचाव अभियान की जानकारी ली और स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखने की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तेलंगाना सरकार को पूरी सहायता का आश्वासन दिया है।
हम प्रयास कर रहे हैं. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का बयान
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के कार्यालय ने कहा कि वे लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सुरंग के अंदर से पानी निकालने और ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठा रहे हैं। बचावकर्मी मलबा हटा रहे हैं और ढहने वाली जगह पर वैकल्पिक मार्ग खोजने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने इस घटना को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है और बचाव कार्य को प्राथमिकता पर रखा गया है।
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