तेलंगाना चुनाव: परिवारवाद की खिलाफत करने वाली भाजपा अब खुद दे रही इसे वरीयता
भारतीय जनता पार्टी जो हमेशा परिवारवाद या वंशवाद की राजनीति को खत्म करने की बात करती आई है वो इसी मुद्दें पर तेलंगाना में सवालों के घेरे में आ चुकी है। वंशवाद को वरीयता ना देने की अपनी नीति को ही ताख पर रखकर तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल हुए नेताओं के उत्तराधिकारियों को भी उम्मीदवार बनाया है। जैसे महमूदनगर के पूर्व सांसद एपी जितेंदर रेड्डी के बेटे एपी मिथुन कुमार रेड्डी को महबूबनगर विधानसभा सीट से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है।

इसके अलावा आने वाले कुछ दिनों में भाजपा तो तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी और अंतिम सूची जारी करने वाली है उसमें भी उम्मीद है कि ऐसे और नाम शामिल हो सकते हैं।
हालांकि तेलंगाना के भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का कहना है कि राजनेताओं के बेटे-बेटियों को पार्टी की सेवा करने का हतोस्साहित करना ठीक नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा उनकी पारिवारिक परंपरा को उनके लिए नुकसानदेह नहीं बनने दिया जा सकता है। वहीं इसके पीछे तर्क देते हुउए भाजपा नेताओं ने कहा 'परिवार शासन' या परिवारवाद कहने का मतलब यह होता है कि किसी भी परिवार को किसी राज्य या देश पर लगातार शासन करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।












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