तेलंगाना: KLIP बैराज का ढहे हिस्से की घटना की जांच के लिए केंद्र ने गठित किया पैनल, मांगी जांच रिपोर्ट
तेलंगाना चुनाव की सरगर्मियों के बीच बीआरएस सरकार द्वारा बनवाया गया कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना (केएलआईपी) के मेडीगड्डा (लक्ष्मी) बैराज का एक हिस्सा बीते रविवार को ढह गया। बैराज का हिस्सा क्यों ढहा इस बात की जांच करने के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने एक विशेष समिति गठित की है, जिसे जांच करने के लिए तेलंगाना भेज दिया गया है।

केंद्रीय मंत्रालय ने समिति को बैराज का निरीक्षण करने और सभी हितधारकों से बात करने के बाद रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है
केंद्र द्वारा गठित की गई छह सदस्सीय जांच समिति का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण अध्यक्ष अनिल जैन कर रहे हैं। अनिल जैन हैदराबाद में राज्य के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक के बाद पैनल जयशंकर भूपालपल्ली जिले में बैराज का दौरा करेगा।
मंत्रालय के बताया रविवार की रात अचानक कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना (केएलआईपी) के मेडीगड्डा (लक्ष्मी) बैराज के ब्लॉक 7 के पिलर संख्या 20 के आंशिक रूप से डूबने के बाद 21 अक्टूबर की रात बैराज के छठे से आठवें ब्लॉक के 15 से 20 नंबर के पिलर धंस गए थे।
केंद्रीय मंत्रालय ने बताया कि बांध सुरक्षा अधिनियत 2021 की अनुबांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के अंतर्गत कालेश्वरम परियोजना के बैराज के घाटों के डूबने के कारणों की जांच के लिए एक समिति का गठित की गई है और जांच टीम बैराज का निर्माण करने वाली कंपनी से भी पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि तेलंगाना की कालेश्वरम परियोजना का मेदिगड्डा बैराज 1.6 किमी लंबा है और जो हिस्सा आंशिक रूप से डूबा है वह महाराष्ट्र से केवल 356 मीटर दूर है।
बता दें इस बैराज के हिस्से के ढहने के कारण तेलंगाना को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से जोड़ने वाली गोदावरी नदी पर बने बैराज के पुल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। तोड़फोड़ की शिकायत पुलिस को की गई है।
केएलआईपी अधिकारियों ने बैराज का एक हिस्सा ढहने के कारण का पता लगाने के लिए बैराज के 85 गेटों में से लगभग 22 को खोलकर उसमें संग्रहित पानी को निकालना शुरू कर दिया है। वहीं परियोजना के इंजीनियरों ने दावा किया कि इससे बैराज को कोई खतरा नहीं है, छति हुए हिस्से की मरम्मत करवाई जाएगी।
रविवार की रात बैराज का एक हिस्सा धसने पर भाजपा और कांग्रेस ने बीआरएस सरकार को घेरा और इस घटना के लिए बैराज की खराब डिजाइन और निम्न गुणवत्ता वाले का को जिम्मेदार ठहाराया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए बैराज का निर्माण करवाने में जल्दबाजी की जिसका नतीजा अब भुगतना पड़ रहा है। कांग्रेस ने मौजूदा जज से बैराज ढहने की घटना की जांच कराने की मांग की है।












Click it and Unblock the Notifications