'...BRS शासन को 'तानाशाही' बताना अपमान', KTR ने राज्यपाल के बयान पर किया पलटवार
Telangana News: तेलंगाना के राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन के 26 जनवरी के संबोधन में पूर्व के बीआरएस शासन को 'तानाशाही' बताने पर भारत राष्ट्र समिति के नेता के तारक राम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने अपने भाषण में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया वह वास्तव में तेलंगाना के लोगों के लिए अपमानजनक है। केटीआर ने गवर्नर की टिप्पणी को'बकवास' बताया।
तेलंगाना की तीसरी विधानसभा के पहले संयुक्त सत्र में अपने संबोधन में राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने 26 जनवरी को पिछली बीआरएस सरकार पर हमला किया। जिसको लेकर बीआरएस ने पलटवार किया है। केटीआर ने कहा कि कहा कि राज्यपाल की टिप्पणियां निंदनीय है।

उन्होंने कहा, "जिस तरह का भाषण, जिस तरह के शब्द, जिस तरह की बकवास आज सुबह राजभवन से आ रही थी। क्योंकि पिछले 10 साल से तेलंगाना में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार थी। राज्यपाल ने आज अपने भाषण में जो भी एक शब्द इस्तेमाल किया है वह वास्तव में तेलंगाना के लोगों का अपमान और अपमानजनक है।"
राज्यपाल भाजपा 'कार्यकर्ता': केटीआर
केटीआर ने राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन के बयान राजनीतिक हैं। केटीआर ने कहा कि वे "भाजपा कार्यकर्ता" हैं। बीआरएस नेता ने आरोप लगाते हुए कहा, "...लगता है गवर्नर दुर्भाग्य से कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस के प्रति अपना स्नेह प्रदर्शित करने के लिए ऐसे बयान दिए हैं।"
राज्यपाल ने क्या कहा था?
दरअसल, 26 जनवरी का राज्यपाल तिमिलसाई ने विधानसभा में अपने भाषण के दौरान कांग्रेस की तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार सभी वर्गों के लोगों को समान अवसर प्रदान करने, सामाजिक न्याय प्रदान करने और स्वतंत्रता प्रदान करने का प्रयास कर रही है। राज्यपाल ने आगे कहा, "हमने संविधान की प्रेरणा और उसमें निहित अधिकारों के साथ एक अलग तेलंगाना राज्य हासिल किया। संविधान ने लोगों को संवैधानिक भावना के खिलाफ शासन करने वाली सरकारों को समाप्त करने का अवसर भी प्रदान किया। सरकार का मुख्य उद्देश्य 100 दिनों में चार अन्य गारंटियों को लागू करना और लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखना है। पिछली सरकार ने राज्य के वित्त का कुप्रबंधन किया था, जिसके कारण संसाधनों के संबंध में राज्य में अनिश्चित स्थिति पैदा हो गई थी।"












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