TEJAS EXPRESS: रेलवे बोर्ड कर रही है भारतीय रेल के निजीकरण की तैयारी

बंगलुरू। राजधानी दिल्ली से लखनऊ और अहमदाबाद से मुंबई रूट पर चल रही तेजस एक्सप्रेस में अगर आप सफ़र करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल, रेलवे बोर्ड तेजस एक्सप्रेस का संचालन किसी निजी कंपनी आईआरसीटीसी को सौंप गई है। हालांकि रेलवे अभी तेजस एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी ट्रायल के तौर देने जा रही है और सब कुछ ठीक होने के बाद करार को आगे बढ़ाएगी।

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रेलवे नई रेल पॉलिसी के तहत आईआरसीटीसी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। यह नई पॉलिसी 100 दिन के एजेंडे में ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने निजी साझेदारों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई है। हालांकि निजी कंपनी के हाथ में जाने से तेजस एक्सप्रेस के किराए में वृद्धि किए जाने की पूरी संभावना है।

रिपोर्ट कहती है कि निजी कंपनी आईआरसीटीसी को तेजस एक्सप्रेस को सौंपे जाने के बाद तेजस एक्सप्रेस के मौजूदा टिकट स्ट्रक्चर में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि अभी तक किराए को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही निजी संचालक तेजस एक्सप्रेस के नए किराए को लागू कर पाएंगे।

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ऐसा कहा जा रहा है कि IRCTC दिल्ली से लखनऊ और अहमदाबाद से मुंबई दोनों रुट पर चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का किराया शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) के किराए के ज़्यादा हो सकता है, लेकिन यह उसी रूट पर हवाई किराए से कम जरूर होगा।

हालांकि IRCTC पहले से ही भारत दर्शन, बुद्धा सर्किट स्पेशल, श्री रामायण एक्सप्रेस जैसी कई टूरिस्ट और स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रही है, लेकिन पहली बार जब आईआरसीटीसी किसी यात्री गाड़ी का संचालन करेगी। निजी संचालकों को प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने तेजस एक्सप्रेस के मामले में हॉलेज चार्ज में भी रियायत दी है। इस ट्रेन में डायनेमिक फेयर सिस्टम होगा यानि मांग के साथ ही इसके किराए में भी इज़ाफ़ा होगा।

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माना जा रहा है कि निजी साझेदारी के सिद्धांत पर तेजस ट्रेन का संचालन निजी संचालकों के लिए आसान नहीं होगा और सबसे बड़ी बात यह है कि पीक सीज़न मसलन त्यौहार और गर्मी की छुट्टियों में भले ही निजी संचालकों को ट्रेन को मुसाफ़िर मिल जाएंगे, लेकिन सामान्य दिनों में तेजस एक्सप्रेस को सवारी जुटाने में मशक्कत करनी पड़ सकती है। हालांकि तेजस एक्सप्रेस ट्रेन में हवाई सफर जैसी सुविधाएं देने का दावा जरूर किया जा रहा है।

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ऐसा इसलिए क्योंकि तेजस एक्सप्रेस का किराया शताब्दी एक्सप्रेस से ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है और अगर ऐसा हुआ तो ऑफ़ सीज़न में महंगे किराए पर तेजस एक्सप्रेस चलाना निजी संचालकों के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। फ़िलहाल मुंबई से गोवा के बीच चल रही तेजस एक्सप्रेस को रेलवे खुद चलाती है, जिसका किराया शताब्दी एक्सप्रेस के किराए से क़रीब 20 फ़ीसदी ज़्यादा है।

उल्लेखनीय है आधुनिक सुविधाओं वाली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे ने 22 मई, 2017 में मुंबई और गोवा के बीच शुरू किया गया। तेजस ट्रेन के 20 कोचों में टी-कॉफी वेंडिंग मशीनों के अलावा हर सीट पर एलसीडी स्क्रीन और वाई-फाई की सुविधा है। ये देश की पहली ट्रेन है, जिसके सभी कोच में ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग के साथ ही सुरक्षित गैंगवेज (डिब्बों के बीच के कॉरिडोर्स) हैं।

यह भी पढ़ें-पहली प्राइवेट ट्रेन 'तेजस' इतिहास रचने को तैयार, जानिए सुविधाएं और किराया

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