नूपुर- महुआ के विवादित बयान पर तसलीमा नसरीन का Tweet- 'ये भावनाएं सिर्फ बकवास राजनीति हैं'
नई दिल्ली, 07 जुलाई। इस वक्त पूरे देश में नूपुर शर्मा और महुआ मोइत्रा को लेकर जबरदस्त बवाल मचा हुआ है तो वहीं अब इस मामले में मशहूर लेकिन विवादित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने बयान दिया है, उन्होंने ट्वीट किया है कि 'यदि आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं, तो आप शर्मा और मोइत्रा दोनों के विचार व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन करेंगे। यदि आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास नहीं करते हैं, तो आप न ही शर्मा और ना ही मोइत्रा, किसी के भी विचार का समर्थन नहीं करेंगे।'
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अभिव्यक्ति की आजादी को हर कोई भूल जाता है
नसरीन ने आगे लिखा कि ' अजमेर दरगाह के खादिम ऐसा बेवकूफाना बयान कैसे दे सकते हैं! उसने कहा कि वह नूपुर शर्मा को गोली मार देता, फिर उसने कहा कि जो कोई भी नूपुर शर्मा का सिर लाएगा, मैं उसे अपना घर दूंगा। अभिव्यक्ति की आजादी को हर कोई भूल जाता है, जो धार्मिक भावनाओं से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।'

'हिंसा कभी भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है'
उन्होंने आगे लिखा है कि 'हिंसा कभी भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। किसी के सिर पर कीमत लगाना अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है। लोगों को जान से मारने के लिए कहना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।'

'ये भावनाएं सिर्फ बकवास राजनीति हैं'
अपनी बेबाकी के लिए मशहूर नसरीन ने आगे कहा कि 'आप उन मूर्ख मुसलमानों से नफरत करते हैं जो दावा करते हैं कि उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और वे कलाकारों/लेखकों के लिए सजा की मांग करते हैं। आप उनसे नफरत करते हैं लेकिन नहीं, आप तो उनसे प्रभावित हैं और आप भी यही मांग करते हैं और दावा करते हैं कि आपकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। ये भावनाएं सिर्फ बकवास राजनीति हैं।'

'ईशनिंदा के खिलाफ कानून को खत्म किया जाना चाहिए'
उन्होंने आगे लिखा कि 'ऐसे लोग हर जगह ईशनिंदा देखते हैं, इसलिए वे दुनिया को यह दिखाने के लिए सब कुछ बर्बाद कर सकते हैं कि वे कितने बड़े राक्षस हैं! वे अपनी राक्षसी क्रूरता से इस्लाम को बचाना चाहते हैं। ईशनिंदा के खिलाफ कानून को खत्म किया जाना चाहिए। निंदा करने का अधिकार सभी को है।'
'कोई पुस्तक पवित्र नहीं है'
इसके बाद उन्होंने आज ट्वीट किया कि 'कोई भी आदमी पवित्र आदमी नहीं है। कोई पुस्तक पवित्र नहीं है। कोई स्थान पवित्र स्थान नहीं है।'
नूपुर- महुआ के बयान पर मचा है बवाल
गौरतलब है कि नूपुर शर्मा ने पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद से भाजपा ने उन्हें अपनी पार्टी से सस्पेंड कर दिया तो वहीं फिल्म काली के पोस्टर पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि 'काली मां को मांस और शराब पसंद हैं, जिस पर भी बवाल मच गया है।
भाजपा ने महुआ की गिरफ्तारी की मांग कर डाली
खुद उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने अपने को उनके बयान से अलग कर लिया है, जिसके बाद से भाजपा ने महुआ की गिरफ्तारी की मांग कर डाली है। यही नहीं बुधवार को मोइत्रा ने ट्विटर पर पार्टी को अनफॉलो भी कर दिया है।












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