Vijay Karur Rally Stampede: “दिल टूट गया है” करुर रैली हादसा के बाद पहली बार आया विजय थलापति का बयान
Tamil Nadu Vijay Karur Rally Stampede: तमिलनाडु के करुर ज़िले में शनिवार, 27 सितंबर को अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कझगम (TVK) की विशाल जनसभा एक दर्दनाक त्रासदी में बदल गई।
रैली में अचानक मची भगदड़ जैसी स्थिति में अब तक 36 लोगों की मौत और करीब 40 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। मृतकों में 16 महिलाएँ, 9 पुरुष और 6 बच्चे शामिल हैं। भयानक भगदड़ हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।

अभिनेता से नेता बने और तमिलगा वेत्त्री कझगम (TVK) प्रमुख थलपति विजय हादसे के बाद पहली बार बयान सामने आया जिसमें उन्होंने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में अब तक 31 लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं।
विजय थलापति का पहला बयान
इस भीषण हादसे के बाद विजय ने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा-"मेरा दिल टूट गया है; मैं असहनीय, अवर्णनीय पीड़ा और शोक में तड़प रहा हूँ, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। करुर में अपने प्रिय भाइयों और बहनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएँ और सहानुभूति व्यक्त करता हूँ। मैं अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।"
विजय के इस बयान से पहले राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राहुल गांधी समेत कई राष्ट्रीय नेताओं ने इस हादसे पर शोक जताया था। अब विजय की भावुक अपील ने इस त्रासदी को और गहराई से सामने ला दिया है।
स्टालिन ने मुआवज़े का किया ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़े का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं घायलों के इलाज के लिए भी सरकार ने विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे की वजह क्या रही?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब हजारों की भीड़ विजय को करीब से देखने और सुनने के लिए मंच की ओर बढ़ने लगी। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने बताया कि हादसे में मरने वालों में बड़ी संख्या महिलाएँ और बच्चे हैं। घायलों को करुर जिला अस्पताल के अलावा ईरोड और तिरुचिरापल्ली मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- प्रशासन ने रैली के लिए 30,000 लोगों की अनुमति दी थी,
- लेकिन स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 60,000 लोग सभा स्थल पर पहुंचे।
- इसके साथ ही विजय अपनी रैली में 6 घंटे की देरी से पहुंचे थे। भारी भीड़ और उमस भरे मौसम से लोग बेहोश होने लगे।
- अचानक हुए इस भीड़ के दबाव ने मंच के सामने बने बैरिकेड्स तोड़ दिए और हालात बेकाबू हो गए।
- कई लोग दम घुटने और कुचलने से मौके पर ही बेहोश हो गए। बच्चों के परिवारों से बिछड़ने की घटनाएँ भी सामने आईं।
हादसे पर किसने क्या कहा?
करुर की इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक है। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने मृतकों के परिवारों को हिम्मत देने और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने बताया कि हादसे में मरने वालों में बड़ी संख्या महिलाएँ और बच्चे हैं। घायलों को करुर जिला अस्पताल के अलावा ईरोड और तिरुचिरापल्ली मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
करुर की यह त्रासदी सिर्फ एक रैली हादसा नहीं, बल्कि भीड़ प्रबंधन की बड़ी विफलता के रूप में देखी जा रही है। विजय के शोक संदेश और मुख्यमंत्री स्टालिन की मुआवज़े की घोषणा से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन यह सवाल बना रहेगा कि आखिर क्यों इस तरह के आयोजनों में सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी साबित हो जाते हैं।












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