तूतीकोरिन में तहसीलदार ने दिया था प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश
चेन्नई। तूतीकोरिन में 22 मई को तीन डिप्टी तहसीलदारों ने पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश दिए थे, इनके पास कार्यकारी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी थी। मामले को लेकर दर्ज की गई एफआईआर में ये कहा गया है। एफआईआर के मुताबिक, तहसीलदार शेखर ने बताया है कि वेदांता ग्रुप के स्टरलाइट कॉपर कारखाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर उन्होंने फायरिंग का आदेश दिया, क्योंकि भीड़ बेकाबू हो गई थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और कोई चारा नहीं था।

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में कारखाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने फायरिंग की थी, जिसमें13 लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। मामले को लेकर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने धारा 144 लागू होने के बाद भी स्टरलाइट के ऑफिस में घुसने की कोशिश की और तोड़फोड़ की। पुलिस की ओर से तमाम चेतावनी दिए जाने के बावजूद लोगों ने गाड़ियों में आग लगाई, जिसके बाद पुलिस को गोली चलाने का आदेश दे दिया गया।
सोमवार को तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप के स्टरलाइट कॉपर कारखाने को बंद किये जाने का आदेश दिया है। इसको लेकर गवर्नर ने आदेश कर दिए हैं, जिसकी कॉपी प्लांट के गेट पर चस्पा कर दी गई है। प्लांट को बंद करने की मांग कई संगठन काफी समय से कर रहे हैं। इस कारखाने से हो रहे प्रदर्शन से आसपास के लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, यहां कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियां इस प्लांट के चलते हो रही हैं। ऐसे में इसके विरोध में लोग लंबे समय से सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।












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