Tamil Nadu: राष्ट्रगान को लेकर सरकार- राजभवन के बीच बढ़ा टकराव, गवर्नर बोले- हिंदी कोई थोपने की भाषा नहीं
तमिलनाडु में हिंदी भाषा को लेकर राज्यपाल के राष्ट्रगान से उपजा विवाद प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राज्यपाल आरएन रवि को राज्य से हटाने की मांग की है। इस बीच राज्यपाल आरएन रवि की प्रतिक्रिया सामने आई है। जिसमें उन्होंने कहा की भारत में हिंदी कोई थोपने की भाषा नहीं, बल्कि देश की भाषा है।
इन दिनों तमिलनाडु में एक बार फिर से राज्यपाल और सरकार के बीच गतिरोध देखा जा रहा है। सीएम एमके स्टालिन ने राज्यपाल आरएन रवि को पद से हटाने की मांग की है। सीएम एमके की ये डिमांड राज्यपाल द्वारा राष्ट्रगान के कथित अपमान के बाद की गई है।

दरअसल, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल आरएन रवि की उपस्थिति में एक कार्यक्रम में तमिल गान गाते समय द्रविड़ शब्द की एक पंक्ति छोड़ दी गई थी। CM स्टालिन ने राज्यपाल पर राष्ट्रीय एकता का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र उन्हें पूरा राष्ट्रगान गाने को कहे।
बीजेपी ने कसा सीएम एमके स्टालिन पर तंज
वहीं बीजेपी नेता नेता माधवी लता ने सीएम एमके स्टालिन के पत्र को लेकर डीएमके सरकार की खिंचाई की। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं एमके स्टालिन से पूछती हूं कि क्या गैर-अंग्रेजी भाषी राज्यों में अंग्रेजी सभा आयोजित करना ठीक है? क्या गैर-इस्लाम, गैर-ईसाई देश में इस्लाम और ईसाई धर्म के धार्मिक स्थलों का निर्माण ठीक है? स्टालिन जी से पहले भारतीय होने के बारे में पूछा जाना चाहिए, तब उन्हें हिंदी का महत्व समझ में आएगा...इस देश की भाषा से प्यार करने के लिए पहले देश से प्यार करना जरूरी है।"












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