Tamil Nadu: क्या फिर से साथ आएंगे AIADMK-BJP? इन 5 वजहों से दोबारा हो सकता है गठबंधन
Tamil Nadu: तमिलनाडु की राजनीति में जल्द ही बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। अन्नाद्रमुक (AIADMK) और बीजेपी (BJP) के बीच फिर से गठबंधन की संभावनाएं बढ़ रही हैं। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी (EPS) के हालिया बयानों ने इस अटकल को और हवा दे दी है।
ऐसी संभावनाएं पैदा हो रही हैं, जिससे अकटलें लगने लगी हैं कि 2026 के विधानसभा चुनावों में दोनों दल फिर से एक साथ आ सकते हैं। इसके अलावा, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के रुख में भी अन्नाद्रमुक के नेताओं के प्रति नरमी देखने को मिली है।

ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या दोनों दल फिर से हाथ मिला सकते हैं? हम उन 5 प्रमुख कारणों को समझने की कोशिश करेंगे, जिनकी वजह से एआईएडीएमके और बीजेपी का फिर से गठबंधन हो सकता है-
Tamil Nadu BJP: 1. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन अकेले द्रविड़ राजनीति में जड़ें जमाना मुश्किल
बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में तमिलनाडु में 11.4% वोट हासिल किए, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि, पार्टी को कोई सीट नहीं मिली। यह साफ दिखाता है कि बीजेपी को राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अभी भी एक क्षेत्रीय शक्ति की जरूरत है। अन्नाद्रमुक के साथ फिर से गठबंधन करके बीजेपी अपनी पकड़ और भी मजबूत कर सकती है।
Tamil Nadu NDA Poilitcs: 2. लोकसभा चुनाव में BJP-AIADMK गठबंधन होता तो DMK की बड़ी जीत नहीं होती
2024 के लोकसभा चुनावों में एआईएडीएमके और बीजेपी अलग-अलग लड़े, जिसका फायदा डीएमके को मिला। अन्नाद्रमुक को 20.66% वोट मिले और बीजेपी को 11.4%, लेकिन गठबंधन न होने के कारण दोनों ही दल एक भी सीट नहीं जीत सके। अगर दोनों मिलकर लड़ते, तो शायद डीएमके और उसके सहयोगी दलों को सभी 39 सीटें नहीं मिलती।
Tamil Nadu DMK:3. 2026 में स्टालिन सरकार की 10 साल की एंटी-इंकंबेंसी का फायदा
डीएमके सरकार 2026 में 10 साल पूरे कर लेगी। आमतौर पर लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले दलों के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ता है। तमिलनाडु भी इससे अछूता नहीं है।
ऐसे में, अगर एआईएडीएमके और बीजेपी साथ आते हैं, तो वे इस एंटी-इंकंबेंसी फैक्टर का फायदा उठाकर डीएमके को सत्ता से बाहर कर सकते हैं। एआईएडीएमके के पास पहले से ही एक मजबूत वोट बैंक है, और जमीन पर बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता इस समीकरण को और मजबूत कर सकती है।
Tamil Nadu Annamalai BJP:4. बीजेपी के लिए पूर्व आईपीएस अन्नामलाई हैं बड़ी उम्मीद
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई की छवि एक तेज-तर्रार नेता की बनी है। उन्होंने डीएमके के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया और स्टालिन सरकार के खिलाफ 'नंगे पांव' रहने के उनके संकल्प ने जनता के बीच उन्हें गहराई से स्थापित किया है।
उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, जिससे बीजेपी को तमिलनाडु में अपना आधार मजबूत करने में मदद भी मिल रही है। अगर अन्नाद्रमुक और बीजेपी का गठबंधन होता है, तो अन्नामलाई की लोकप्रियता और रणनीतिक क्षमता इस गठबंधन को और मजबूत बना सकती है।
Tamil Nadu AIADMK: 5. DMK से अकेले मुकाबला मुश्किल
2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बीजेपी-अन्नाद्रमुक मिलकर चुनाव लड़े थे। तब एआईएडीएमके 191 सीटों पर लड़कर 66 सीटें जीती थी,और उसे कुल 33.29% वोट मिले थे। वहीं बीजेपी सिर्फ 20 पर लड़ी थी, जिसमें से 4 जीती थी। इन 20 सीटों पर उसे कुल 34.26% वोट आए थे और पूरे राज्य में उसका वोट शेयर 2.62% रहा था। ऐसे में दोनों दलों के एक बार फिर से हाथ मिलाने से एनडीए (NDA) की ताकत बढ़ने की उम्मीद पैदा हो सकती है।












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