PMLA के फैसले की समीक्षा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 25 अगस्त को करेगा सुनवाई
नई दिल्ली, 24 अगस्त: मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 25 अगस्त को सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 27 जुलाई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर अपना फैसला सुनाया था, जिसमें जांच और गिरफ्तारी के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शक्तियों को बरकरार रखा गया था। जिस पर कांग्रेस सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में ईडी की शक्तियों को बरकरार रखने के 27 जुलाई के फैसले पर फिर से विचार करने के लिए याचिका दाखिल की थी।
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ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के फैसले की सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को समीक्षा करेगा। कार्ति चिदंबरम के अनुसार गंभीर त्रुटि और संविधान के पहले के फैसलों और प्रावधानों के विपरीत होने के आधार पर फैसले की समीक्षा की जानी चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 के विपरीत है और आपराधिक न्यायशास्त्र के तय सिद्धांतों और अदालत द्वारा पुनर्विचार के योग्य है।
वहीं अब गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के फैसले की सुप्रीम कोर्ट समीक्षा करेगा, जिसमें पीएमएलए के तहत ईडी की शक्तियों पर फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा। चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने यह फैसला किया है। ऐसे में कोर्ट यह तय करेगा कि 27 जुलाई के फैसले पर फिर से विचार किया जाए या नहीं।












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