सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश और वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट दो अहम मामलों पर आज (शुक्रवार) अपना फैसला सुनाएगा। इनमें एक मामला केरल के सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर है तो दूसरा भीमा कारोगांव हिंसा मामले में पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी से जुड़ा है। दोनों ही फैसलों पर देशभर की निगाहें हैं। दोनों मसले बीते काफी समय से चर्चा में हैं।

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में वारावरा राव, अरुण फेरेरा, वरनोन गोंजालवेस, सुधा भारद्वाज और गौतम नवलाखा की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट फैसला करेगा। पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने 20 सितंबर को सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इन लोगों की रिहाई की मांग की गई है।
भीमा कोरेगांव हिंसा की साजिश रचने और नक्सलवादियों से संबंध रखने के आरोप में पुणे पुलिस ने बीती 28 अगस्त को देश के अलग-अलग हिस्सों से वामपंथी विचारक गौतम नवलखा, वारवारा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और वरनोन गोंजालवेस को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इन गिरफ्तारियों पर रोक लगा दी और अगली सुनवाई तक हिरासत में लिये गए सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अपने ही घर में नजरबंद रखने के लिए कहा।
दूसरा केस केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर है। सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज फैसला सुनाएगी। 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है, इसको लेकर इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन ने कोर्ट में चुनौती दी है। एसोसिएशन ने इसे लैंगिक आधार पर भेदभाव बताकर खत्म करने की मांग कोर्ट से की है। केरल सरकार ने भी मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश देने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है।












Click it and Unblock the Notifications