Odisha: महिला पुलिसकर्मी से मारपीट मामले में MLA को गिरफ्तारी से राहत, SC ने ओडिशा सरकार से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) एक महिला पुलिस अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उससे मारपीट करने के मामले में ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्रा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट उड़ीसा हाईकोर्ट के 23 नवंबर 2023 के आदेश के खिलाफ मिश्रा द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसने मामले में अग्रिम जमानत के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने ओडिशा राज्य के विधायक और विपक्ष के नेता जयनारायण मिश्रा को एक महिला पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी है। कोर्ट ने इसके साथ ही जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने इस मामले में ओडिशा सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब भी देने को कहा है।

अदालत ने राज्य सरकार को राज्य स्थायी अधिवक्ता को नोटिस भेजे जाने और याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से संरक्षित करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला
जयनारायण मिश्रा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं। वे ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है। उनके खिलाफ एक महिला पुलिसकर्मी की गरिमा को ठेस पहुंचाने, मानहानि, अश्लीलता, आपराधिक धमकी, गलत तरीके से रोकने और एक लोक सेवक पर आपराधिक बल का उपयोग करने का आरोप है। दरअसल, उन्होंने कथित रुप से उस महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी, जिस पर रिश्वत लेने के आरोप लगे थे।
15 फरवरी, 2023 का मामला
मिश्रा के खिलाफ मामला पिछले साल 15 फरवरी को संबलपुर कलेक्टरेट के सामने हुए घटनाक्रम से जुड़ा है, जहां भाजपा धरना प्रदर्शन का आयोजन कर रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आंदोलनकारी जब कार्यालय के गेट की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। एक महिला पुलिस अधिकारी ने मिश्रा से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर उसके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, उसे गलत तरीके से छुआ और उसके गाल पर थप्पड़ मारा।
मामले में उड़ीसा उच्च न्यायालय ने 16 नवंबर, 2023 को इस मामले में उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण विधायक ने राहत के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।












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