SC ने पूछा- जब नहीं कर पा रहे नए नोट की सप्लाई तो क्यों नहीं चलने दे रहे पुराने?
सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से पुराने नोट को जरूरी चीजों के लिए प्रयोग करने की अनुमति देने की बात कही है।
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से कहा है कि लोगों को विमुद्रीकृत किए गए नोट, आवश्यक कार्यों में चलाने के लिए अनुमति दी जाए।
कहा है कि पुराने नोट सरकारी अस्पतालों में चलने चाहिए ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
भारत के मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायाधीश ए.एम.खानविलकर और न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने पूछा कि अगर सरकारी अस्पतालों में विमुद्रीकृत किए गए नोट स्वीकार किए जाने लगे तो आपको क्या आशंका है?

क्यों झेले लोग?
पूछा कि जब आप नए नोटों की सप्लाई कर पाने में अक्षम हैं तो लोग क्यों झेलें? न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
इस पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि लोगों के समक्ष आ रही असुविधाएं जल्द ही खत्म हो जाएंगे और न्यायालय बंद किए गए नोट का उपयोग शुरू करने के लिए अंतरिम आदेश पास नहीं कर सकता।
कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि सहकारी बैंकों द्वारा 11 से 14 नवंबर तक के बीच जमा किए गए 8 हजार करोड़ रुपयों को भारतीय रिजर्व बैंक स्वीकार करेगा।
आखिर कहां से आ रही है नई करेंसी!
इस दौरान मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा कि जब आम लोग हफ्ते में 24 हजार रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं तो कुछ लोगों के पास लाखों की नई करेंसी कहां से आ रही है?
इस सवाल पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बताया कि कुछ बैंक मैनेजरों की मिलीभगत की वजह से ऐसा हो रहा है। फिलहाल सरकार दोषियों पर कार्रवाई कर रही है।
रोहतगी ने पीठ से कहा कि 70 साल की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए 70 दिन लगेंगे।












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