गंगा सफाई नहीं होने पर मोदी सरकार को एससी की फटकार
नई दिल्ली। गंगा को स्वच्छ औऱ निर्मल बनाने का दावा करके केंद्र सरकार की गद्दी तक पहुंची भाजपा को इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर से फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से पूछा है कि गंगा की सफाई के लिए गंभीरता क्यों नहीं दिखा रहे हो। कोर्ट ने केंद्र सरकार याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण योजना गंगा को स्वच्छ कर अविरल औऱ निर्मल स्थान देना है।

न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर ने सरकार से पूछा है कि आप पिछली सुनवाई के दौरान इस बारे में दृष्टिकोण स्पष्ट नहीं कर सकें हैं। हम जानना चाहते हैं कि आपका नजरिया और अंतिम निष्कर्ष क्या है।
हजारों करोड़ों रुपए खर्च
कोर्ट ने याद दिलाया कि 1985 से अब तक गंगा की सफाई में हजारों करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं। वहीं केंद्र सरकार के पक्ष में सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने इस तथ्य को स्वीकार करते हुए कहा है कि अब कैंद्र बिंदू बदल गया है क्योंकि 118 और 1649 ग्राम पंचायतों की पहचान की गई है। हमारा ध्यान इस लक्ष्य को हासिल करना है।
30 फीसदी प्रदूषण इंडस्ट्री से
सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा है कि तीस फीसदी प्रूदषण गंगा में इंडस्ट्री से आता है। इसलिए फिलहाल प्रदूषण को रोक पाने के लिए आश्वस्त नहीं कर कर सकता हूं। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि 7 आईआईटी के एक्सपर्ट व 59 एक्सपर्ट इस पर काम कर रहे हैं. नेशनल गंगा बेसिन अथॉरिटी, राज्यों की अथॉरिटी, नैशनल मिशन ऑफ क्लीन गंगा आदि तमाम अथॉरिटीज काम कर रही हैं. लेकिन वॉटर और सेनिटेशन राज्य का मामला है।












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