कालेधन पर एसआईटी की जांच से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट
नई दिल्ली। कालेधन को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर अब 'सुप्रीम नज़र' है। कालेधन की जांच के लिए गठित एसआईटी पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में काफी सकारात्मक पहल हुई है।

- टिप्पण में आशय व्यक्त किया गया है कि विदेशी बैंकों में भारतीय नागरिकों का जमा काला धन वापस लाने के लिए गठित एसआईटी की जांच आगे बढ़ी है। जस्टिस एचएल दत्तू, रंजना प्रकाश देसाई और मदन लोकुर की बेंच ने विशेष जांच दल की प्रथम अंतरिम रिपोर्ट पर टिप्पणी की।
- इस पर विस्तार से कहा गया है कि इसमें कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अदालत ने याचिकाकर्ता वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी को विशेष जांच दल की रिपोर्ट का अवलोकन करने की इजाजत देने से साफ मना कर दिया है।
- बेंच ने विशेष जांच दल और इसके सदस्यों के साथ मंत्रणा की अनुमति देते हुए कहा कि हमने अंतरिम रिपोर्ट देखी है। यह पूरी तरह गोपनीय है व अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि जेठमलानी और उनके वकील विशेष जांच दल के साथ विचार-विमर्श करके विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापसी पर सुझाव के लिए स्वतंत्र हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि जेठमलानी को भेजे गए जर्मन प्राधिकारियों के संदेश का जवाब दे दिया जाए। दरअसल जेठमलानी ने जर्मन प्राधिकारियों को लिखा था कि उनके यहां बैंकों में काला धन जमा करने वाले व्यक्तियों की सूची में भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री का नाम भी कथित रूप से शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने देश और विदेश में काला धन संबंधित सारे मामलों की जांच के लिए दिशा निर्देश प्रदान करने के लिए जस्टिस शाह को विशेष जांच दल का अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश अरिजित पसायत को उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही अब समझा जा रहा है कि कालाधन मामले पर आगे नए सकारात्मक फैसले लिए जा सकते हैं।












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