"वन रैंक वन पेंशन" को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया दिसंबर तक का समय
नई दिल्ली, 16 सितंबर: केन्द्र सरकार को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना को लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर तक का समय दिया है।

आवेदन में केंद्र सरकार ने कहा था कि पेंशन का पुन: निर्धारण एक टाइम टेकिंग प्रक्रिया है। शुक्रवार को इस आवेदन पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट को ओआरओपी योजना को लागू करने के लिए दिसंबर तक का समय दिया है।
इस योजना में हर पांच साल के बाद पेंशन के पुनर्निर्धारण की परिकल्पना की गई थी। यह प्रक्रिया वर्ष 2019 में की जानी थी लेकिन मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण ऐसा नहीं किया गया।
न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने केंद्र के आवेदन को स्वीकार कर लिया क्योंकि उन्होंने पाया कि कोर्ट के आदेश पारित होने के बाद से कुछ प्रगति हुई है। आवेदन ने पीठ को आश्वासन दिया कि सरकार अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए "गंभीर कदम उठा रही है" जिसके लिए कैबिनेट की मंजूरी की आवश्यकता होती है।
केंद्र ने अपने आवेदन में सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि मंत्रालय के अंदर परामर्श पूरा कर लिया गया है और एक कैबिनेट नोट का मसौदा तैयार किया गया है। केन्द्र ने कहा था अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कैबिनेट नोट कैबिनेट सचिवालय को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) द्वारा विभिन्न प्रकार की पेंशन टेबल तैयार करने की आवश्यकता होगी, जो एक समय लेने वाली प्रक्रिया भी है।












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