8 किसान संगठन को समिति में शामिल करने की सुप्रीम कोर्ट ने दी परमीशन
8 आंदोलनकारी किसान संगठन को समिति में शामिल करने की सुप्रीम कोर्ट ने दी परमीशन
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आंदोलन जारी है। दिल्ली में आंदोलनकारी किसानों को एंट्री न मिल पाने के कारण किसान दिल्ली बॉडर पर अपनी मांगो लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं इस आंदोलन को खत्म करवाने के लिए गठित की जाने वाली समिति में आठ किसान यूनियनों को शामिल करने की अनुमति दे दी है। इनमें भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू - राकेश टिकैत), बीकेयू-सिद्धपुर (जगजीत एस। डंगवाल), बीकेयू-राजेवाल (बलबीर सिंह राजेवाल) समेत अन्य यूनियन शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम की खंडपीठ ने किसान संगठनों को से बातचीत के लिए समिति गठन की बात कही है इस मामले की सुनवाई कल सुप्रीम कोर्ट में होगी। इस बीच बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने विरोध कर रहे किसानों को तुरंत हटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की याचिका पर सुनवाई की। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों, केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी कर इस मामले को जल्द कमेटी गठित कर सुलझाने का आदेश दिया है इसके साथ ही कोर्ट की ओरे से किसान संगठनों को नोटिस दिया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में शाहीन बाग केस का हवाला दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications