होली की रात है बड़ी खास, अपने प्यार के साथ करें चांद का दीदार क्योंकि आज दिखेगा 'Supermoon'
नई दिल्ली। आज की रात बेहद खास है क्योंकि आज केवल होलिका दहन नहीं है बल्कि आज की रात आपको आकाश में 'सुपरमून' दिखाई देने वाला है। आज के दिन चांद आम पूर्णिमा की तुलना में कहीं ज्यादा चमकदार और बड़ा दिखाई देगा और आज रात चांद की दूरी पृथ्वी से तीन लाख 57 हजार 404 किलोमीटर होगी और यह साल का दूसरा 'सुपरमून' है क्योंकि इससे पहले माघ माह की पूर्णिमा यानी की 8 फरवरी को 'सुपरमून' दिखाई दिया था।

आज है सुपरमून की रात
आज का चांद कई मायनों में खास है, भोपाल की नेशनल अवार्ड से सम्मानित विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने कहा है कि फाल्गुन पूर्णिमा की रात साल की दूसरी सबसे चमकदार रात बनाने जा रही है। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी महज तीन लाख 57 हजार 404 किलोमीटर होगी, इसलिए यह सुपरमून होगा, यह माइक्रोमून की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखेगा।

किस वक्त निकलेगा चांद
चंद्रमा सोमवार शाम 6.10 बजे पूर्व दिशा में उदित होगा और मंगलवार को सुबह 6.21 बजे पश्चिम में अस्त होगा। पश्चिमी देशों में 99.7 प्रतिशत चमक के साथ के इस सुपरमून को क्रो मून, क्रस्टमून, सुगरमून, वर्म मून का नाम दिया गया है। आज के बाद आपको अप्रैल और मई के महीने में भी सूपरमून दिखाई देगा, इसके बाद पूरे साल आसमान में सुपरमून नहीं दिखेगा।

क्यों दिखता है चांद बड़ा?
मालूम हो कि पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए चंद्रमा जब धरती के सबसे नजदीक आ जाता है तो उस स्थिति को 'पेरीजी' और कक्षा में जब सबसे दूर होता है तो उस स्थिति को 'अपोजी' कहते हैं, आज चांद 'पेरीजी' होगा और इस कारण वो बड़ा दिखाई देगा।

चांद है सुंदरता और मोहब्बत की मिसाल
ये तो हुई खगोलीय बातें लेकिन साहित्य में तो चांद को सुंदरता और मोहब्बत की मिसाल माना जाता है, इसलिए आज होली की रात पर आप सभी लोग चांद का दीदार अपने-अपने चांद के साथ करें तो बेहतर होगा।

चंद्रमा के बारे में जानिए ये खास बातें
- चंद्रमा से आसमान नीला नहीं बल्कि काला दिखायी देता है क्योंकि वहां प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं है।
- चन्द्रमा की कक्षीय दूरी, पृथ्वी के व्यास का 30 गुना है इसीलिए आसमान में सूर्य और चन्द्रमा का आकार हमेशा एक जैसा नजर आता है।
- कहते हैं आज से 4.5 अरब साल पहले पृथ्वी से हुई एक टक्कर के बाद चंद्रमा का जन्म हुआ था।
- चंद्रमा एक उपग्रह है जो कि पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है।
- विज्ञान के हिसाब से चांद पर पृथ्वी की तुलना में गुरुत्वाकर्षण कम है इसी कारण चंद्रमा पर पहुंचने पर इंसान का वजन कम हो जाता है।
- वजन में ये अंतर करीब 16.5 फीसदी तक होता है। यह सौर मंडल का 5वां सबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह है।

चांद को तो भगवान माना गया है...
- हिंदू धर्म में चांद को भगवान माना गया है, करवाचौथ, पूर्णिमा जैसे वर्त चंद्रमा को ही देखकर होते हैं।
- इस्लाम में तो चांद के बिना कोई काम ही नहीं होता है।
- ईद उल फितर, रमजान, ईदुज्जुहा और मुहर्रम जैसे प्रमुख पर्व चांद देखकर ही फाइनल होते हैं।

आज है फाल्गुन पूर्णिमा
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह रुप की पूजा की जाती है। यह दिन भक्त हरिण्यकश्यप की बहन, उनके पुत्र प्रह्लाद को जलाने के लिए अग्नि में लेकर बैठी थी, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलिका स्वयं ही अग्नि में भस्म हो गई। इसी दिन से होलिका दहन किया जाता है।












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