Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

India oil Security Status: होर्मुज संकट के बीच भारत तैयार! 25 दिन का तेल भंडार,क्या है सरकार का बैकअप प्लान

Strait of Hormuz impact on India Oil Security: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई तरह की चिंताएं जताई जा रही थीं। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लगभग बंद कर दिया है जिससे पूरी दुनियां में उर्जा संकट खड़ा हो गया। लेकिन भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के पास फिलहाल पर्याप्त तेल और गैस का भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता को भरोसा दिलाया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस (LPG) की कोई किल्लत नहीं होगी।

strait-of-hormuz-impact-on-india-oil-security-status

चूंकि भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल इसी रास्ते से मंगाता है, इसलिए सप्लाई चेन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था। लेकिन सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भारत इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी चिंता

भारत रोजाना 50 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें से करीब 25 लाख बैरल प्रतिदिन Strait of Hormuz के रास्ते आता है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच टकराव के बाद इस 33 किलोमीटर चौड़े जलमार्ग से टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

कतर, जो भारत का बड़ा LNG सप्लायर है, उसने भी अस्थायी रूप से उत्पादन रोका है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात में पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कोई तात्कालिक किल्लत नहीं होगी। मंत्रालय ने देशभर में सप्लाई और स्टॉक की निगरानी के लिए 24x7 कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया है।

India oil Reserves 25 Days: भारत का मौजूदा 'स्टॉक' गणित

भारत के पास वर्तमान में दो तरह के रिजर्व मौजूद हैं जो किसी भी आपात स्थिति में काम आएंगे। तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के पास रिफाइनरियों और डिपो में 25 दिन का कच्चा तेल और 25 दिन का तैयार पेट्रोल-डीजल मौजूद है। यानी कुल 50 दिनों का बैकअप।

वहीं विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर में बने भूमिगत टैंकों में 5.33 मिलियन टन कच्चा तेल पहले से जमा है। यदि इन सभी भंडारों और समुद्र में मौजूद जहाजों (Floating Cargo) को मिला दें, तो भारत के पास लगभग 40 से 45 दिनों का 'इंपोर्ट कवर' मौजूद है।

Plan After 25 Days Crude Stock: 25 दिन के बाद क्या होगा? भारत का 'प्लान-B'

अगर मिडल ईस्ट का संकट 25-30 दिनों से ज्यादा खिंचता है, तो सरकार ने इसके लिए चार सूत्रीय रणनीति तैयार की है:

रूस से बढ़ेगा आयात: भारत अब रूसी तेल (Russian Oil) की खरीदारी बढ़ाएगा। रूस से आने वाला तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुजरता, इसलिए यह सप्लाई सुरक्षित है। समुद्र में मौजूद रूसी टैंकरों को तुरंत भारतीय बंदरगाहों की ओर मोड़ा जा सकता है।

सप्लाई रूट में बदलाव: भारत अब अपनी निर्भरता होर्मुज (40%) से घटाकर अन्य स्रोतों (60%) जैसे उत्तरी अमेरिका, लैटिन अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका पर बढ़ा रहा है। ये जहाज अटलांटिक और हिंद महासागर के जरिए सीधे भारत पहुंच सकते हैं।

Mojtaba Khamenei: कौन हैं मोजतबा जिन्हें मिली ईरान की कमान? अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद राजशाही की आहट!
Mojtaba Khamenei: कौन हैं मोजतबा जिन्हें मिली ईरान की कमान? अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद राजशाही की आहट!

एक्सपोर्ट पर रोक (Export Curb): सरकार अपनी रिफाइनरियों को आदेश दे सकती है कि वे पेट्रोल-डीजल का निर्यात कम करें और सारा उत्पादन घरेलू मार्केट के लिए सुरक्षित रखें।

LNG के लिए नए पार्टनर: कतर (जो भारत का मुख्य गैस सप्लायर है) में उत्पादन रुकने के कारण भारत अब कनाडा और नॉर्वे से अतिरिक्त गैस मंगाने के लिए बातचीत कर रहा है।

क्या देश में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

सरकार के लिए फिलहाल चुनौती 'उपलब्धता' नहीं बल्कि 'कीमत' है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें $85 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि वह फिलहाल कीमतों का बोझ आम आदमी पर नहीं डालेगा। सरकार 'प्राइस स्टेबलाइजेशन' के जरिए कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने लंबे समय के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु दो बड़े कदम उठाए हैं। चंडीखोल (ओडिशा) और पादुर (कर्नाटक) में नए रणनीतिक भंडार बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इससे भारत का बैकअप 74 दिनों से बढ़कर 90 दिनों का हो जाएगा।

इसके तहत भारत गहरे समुद्र (Deepwater) में खुद तेल खोजने के लिए प्रति वर्ष 100 कुएं खोदेगा, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।भारत के पास पर्याप्त ईंधन और खाना पकाने की गैस का स्टॉक है। 24x7 कंट्रोल रूम हर घंटे सप्लाई की निगरानी कर रहा है। 25 दिनों के बाद भी भारत के पास रूस और अमेरिका जैसे वैकल्पिक रास्ते खुले हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था के पहियों को थमने नहीं देंगे।

Strait of Hormuz पर संकट! ट्रंप बने जहाजों का 'सुरक्षा कवच’, हॉर्मुज को लेकर क्यों थम सकती है दुनिया की सांस?
Strait of Hormuz पर संकट! ट्रंप बने जहाजों का 'सुरक्षा कवच’, हॉर्मुज को लेकर क्यों थम सकती है दुनिया की सांस?
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+