कंधार हादसा- कोई दर्द सुन ले मारे गए यात्री रूपिन के पिता का
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) चंद्र प्रकाश कत्याल के जेहन में 1999 के उस जाड़े के दिनों की यादें ताजा हैं जब एयर इंडिया के विमान को हाईजैक कर लिया गया था। उसमें उनका पुत्र रूपिन कत्याल और बहू भी थे।

अपहर्ताओं ने उनके पुत्र को मार दिया था। कत्याल से कुछ समय पहले मुलाकात हुई थी। वे कहने लगे कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि विमान को हाईजैक करने वालों को भारत सरकार दंड नहीं दे पाई।
25 दिसंबर,1999
उस भारतीय विमान का काठमांडू से अपहरण किया गया था। ये बात है 25 दिसंबर, 1999 की। वे कहते हैं कि जब सारा ड्रामा चल रहा था, तब उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा, बहू और बाकी सब यात्री सुरक्षित घर लौट जाएंगे। पर ये हो नहीं सका।
कंधार कांड: फारुख अब्दुल्ला नहीं चाहते थे कि आतंवादियों को छोड़ा जाये
उसी विमान में रूपिन और उसकी पत्नी अर्चना थे। दोनों का एक माह पहले ही विवाह हुआ था। दोनों हनीमून से लौट रहे थे जब विमान को हाईजैक किया हरकत-उल-मुजाहिदिन के आतंकियों ने। उस विमान में 176 यात्री थे। कत्याल कहते हैं कि भारत पर आतंकी हमले इसलिए होते हैं क्योंकि भारत अपने आप में कमजोर देश है। हमारे यहां क नेता पिलपिले हैं।
फिर विवाह
रूपिन कत्याल के पिता ने उस हादसे के बाद अर्चना को अपनी पुत्री बना लिया था। उसका उन्होंने ही फिर से विवाह कर दिया था। अर्चना को एयर इंडिया में नौकरी मिल गई थी। वह वहां पर ही है। उसका अपने पहले पति के ससुराल में कभी-कभी जाना होता है।












Click it and Unblock the Notifications