असम में 48 घंटे बंद का ऐलान, सूटिया छात्र संगठन ने दिया समर्थन
गुवाहाटी। ऑल असम सूटिया स्टूडेंट यूनियन ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। संगठन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किए जाने पर सरकार को घेरते हुए सोमवार से 48 घंटे असम बंद का समर्थन किया है। असम में यह बंद छह समुदाय के लोगों ने मिलकर बुलाया है, इनकी मांग है कि उन्हें एसएसटी की श्रेणी में रखा जाए। शुक्रवार को जब संगठन के लोगों और सरकार के बीच की बातचीत विफल रही तो प्रदेश में 48 घंटे के बंद का ऐलान किया गया है।

क्या है मांग
छात्र संगठनों की मांग है कि सूटिया संगठन को एसटी का दर्ज दिया जाए, साथ ही निर्माणाधीन बोगीबील ब्रिज का नाम बदलकर इस समुदाय के नाम पर किया जाए। यह ब्रिज ब्रह्मपुत्र नदी पर बन रहा है, जिसे बिरांगना साधिनी सेतु नाम दिए जाने की माग की जा रही है, साथ ही असम के बोहाग माह के सातवें दिन को बिरांगना साधिनी दिवस के रूप में घोषित किए जाने की मांग की गई है। यही नहीं इन लोगों को मांग है कि इस दिन सरकारी छुट्टी घोषित की जाए।
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मुख्यमंत्री गंभीर नहीं
संगठन के सचिव महेन बोरा ने कहा कि राज्य सरकार हमारी मांग को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, जिस तरह से शनिवार को युवा कल्या विभाग की ओर से सचिव लख्या कोंवर ने पत्र लिखा है उससे साफ है कि सरकार हमारी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री हमारी मांग पर अगस्त माह में विचार करेंगे, लेकिन इसके समय पर बाद में फैसला लिया जाएगा, इससे साफ है कि मुख्यमंत्री हमारी मांगों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं।
पीएम को बताया झूठा
संगठन के अध्यक्ष खिरोद सैकिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह झूठे हैं और मुख्यमंत्री सर्बदानंद सोनोवाल भी झूठ का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने क हा कि भाजपा चुनाव पूर्व किए गए अपने वायदों को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
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