सोरोस फाउंडेशन नहीं, इन 4 विवादों में भी घिर चुकी हैं सोनिया गांधी, जिसपर देशभर में मचा था बवाल
Sonia Gandhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर बड़ा आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा है कि सोनिया गांधी का संबंध एक ऐसे संगठन से है, जिसे अमेरिकी बिजनेसमैन जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित किया जाता है। ये वही जॉर्ज सोरोस हैं, जिन्होंने कश्मीर को भारत से अलग करने के विचार का समर्थन किया है। भाजपा ने कहा है कि संबंध भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी प्रभाव को दिखाता है।
हालांकि अमेरिका ने भाजपा के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें वह भारत को अस्थिर करने के प्रयासों का समर्थन कर रही है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया है। इन आरोपों के बीच सोनिया गांधी फिर से विवादों में हैं। ऐसे में हम आपको सोनिया गांधी से जुड़े चार ऐसे विवादों के बारे में बता रहे हैं, जिनको लेकर पहले भी देशभर बवाल मचा था?

1. अगस्ता हेलिकॉप्टर घोटाला
अगस्ता हेलिकॉप्टर घोटाला साल 2013 में हुआ था। 2013 में सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पर इतालवी चॉपर कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से कमीशन लेने का आरोप लगा था।
रिपोर्ट के मुताबिक अगस्ता वेस्टलैंड से भारत को 36 अरब रुपये के डील के तहत 12 हेलिकॉप्टर खरीदने थे। कोर्ट में रखे गए 15 मार्च 2009 के एक नोट में कहा गया था कि सोनिया गांधी इस वीआईपी चॉपर खरीद के पीछे अहम भूमिका निभा रही थी।
2. नेशनल हेराल्ड मामला
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर अब तक सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आरोप लगते हैं। मार्च 2011 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यंग इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी खोली थी, जिसमें दोनों को 38-38 फीसदी हिस्सेदारी थी। बताया जाता है कि इस कंपनी को इसलिए खड़ा किया गया था क्योंकि एजेएल पर मौजूद 90.21 करोड़ की देनदारियां उतारना था।
आरोप लगा कि पार्टी ने हेरल्ड हाउस में एक करोड़ रुपया लगाया था, जो कभी एजेएल के पास होता था। इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ सुब्रमण्यम स्वामी अदालत गए और संपत्ति के बेजा इस्तेमाल का मामला दर्ज कराया है।
3. बोफोर्स घोटाला
बोफोर्स घोटाले ने 1980 और 1990 के दशक में गांधी परिवार और पूर्व प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया था। उन पर आरोप था कि स्वीडन की तोप बनाने वाली कंपनी बोफोर्स ने कमीशन के लिए 64 करोड़ रुपये राजीव गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को दिए था। ये कमीशन इसलिए दिया गया था ताकि बोफोर्स भारतीय सेना को अपनी 155 एमएम हॉविट्जर तोपें बेच सके। कुछ सालों बाद इस केस में सोनिया गांधी का नाम आया।
4. मारुति घोटाला
रिपोर्ट के मुताबिक मोटर कार कंपनी मारुति की स्थापना से पहले भी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम मारुति घोटाले में सामने आया था। ये मुद्दा उस वक्त विवादों में आया, जब उनके बेटे संजय गांधी को यात्री कार बनाने का लाइसेंस मिला था।
उसके बाद साल 1973 में सोनिया गांधी को मारुति टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का एमडी बनाया गया था। जबकि सोनिया गांधी के पास इसके लिए जरूरी तकनीकी योग्यता भी नहीं थी। कहा जाता है कि कंपनी को इंदिरा सरकार की ओर से टैक्स और फंड और जमीन को लेकर कई तरह की छूट मिली थी। लेकिन कंपनी बाजार में उतारने लायक एक भी कार नहीं बना पाई थी, जिसकी वजह से 1977 में इसे बंद कर दिया गया था।












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