तो अशोक गहलोत होंगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष? सोनिया गांधी से मुलाकात के क्या हैं सियासी मायने?
नई दिल्ली, 24 अगस्त: देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। अब खबर आ रही कि सोनिया गांधी ने मुलाकात के दौरान गहलोत से कांग्रेस का नेतृत्व करने का आग्रह किया है। कांग्रेस 21 सितंबर तक पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए अपने अंतिम कार्यक्रम की घोषणा को तैयार है। सोनिया गांधी के करीबियों ने साफ कर दिया है कि वो स्वास्थ्य और उम्र संबंधि चिंताओं की वजह से दोबारा से बागडोर संभालने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में पार्टी अब एक गैर-गांधी अध्यक्ष के नाम पर विचार कर रही है।

वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा कि गहलोत इस विचार को लेकर थोड़ा असहज हैं। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी "सर्वसम्मत" विकल्प हैं। मैं बार-बार ये कहता रहा हूं कि कांग्रेस तभी पुनर्जीवित होगी जब राहुल गांधी पार्टी की बागडोर संभालेंगे। उनके बिना लोग निराश होंगे और लोग घर बैठे रहेंगे तो पार्टी कमजोर होगी। ऐसे में राहुल गांधी को सभी द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं का सम्मान करते हुए पदभार संभालना होगा। उन्होंने आगे कहा कि हम दबाव बनाना जारी रखेंगे और उन्हें पार्टी प्रमुख का पद संभालने के लिए मनाएंगे।
जब अशोक गहलोत के अध्यक्ष बनने की मीडिया रिपोर्ट्स आईं तो उन्होंने कहा कि ये मैं मीडिया से सुन रहा हूं, मैं इस बारे में कुछ भी नहीं जानता। बस मुझे जो जिम्मेदारी पार्टी ने सौंपी है, वो मैं पूरा कर रहा हूं।
विदेश यात्रा पर सोनिया गांधी
गहलोत से मुलाकात के कुछ घंटे बाद कांग्रेस ने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका के साथ अपनी चिकित्सा जांच और अपनी बीमार मां से मिलने के लिए विदेश जा रही हैं। वहीं वरिष्ठ नेता और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य दिग्विजय सिंह ने स्वीकार किया कि अगर राहुल गांधी पार्टी प्रमुख नहीं बनना चाहते, तो उनको मजबूर नहीं किया जा सकता है।
'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू करेंगे
वहीं कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 7 सितंबर से कांग्रेस 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू करेगी। मामले में जयराम रमेश ने कहा कि इसी दिन 80 साल पहले महात्मा गांधी के नेतृत्व और प्रेरणा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था, जिसने पांच साल बाद देश को आजादी दिलाई थी। पदयात्रा 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और लगभग 150 दिनों में पूरी होगी। यात्रा में राहुल गांधी समेत कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता शामिल होंगे।












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