लोकसभा में बोलीं सोनिया गांधी- तुरंत लागू किया जाए महिला आरक्षण बिल, जातीय जनगणना की भी मांग
मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण बिल लाकर बड़ा दांव खेला। जिसको लेकर संसद में भी चर्चा हो रही। साथ ही सारी पार्टियों में इस बिल को लेकर क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। इस बीच सदन में सोनिया गांधी ने भी बिल के समर्थन का ऐलान किया। साथ ही इसे तुरंत लागू करने की मांग की।
लोकसभा में बोलते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि ये मेरी जिंदगी का मार्मिक क्षण है, पहली बार स्थानीय निकायों में स्त्री की भागीदारी तय करने वाला संविधान संशोधन मेरे जीवन साथी राजीव गांधी ही लेकर आए थे। बाद में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में कांग्रेस ने उसे पारित कराया था, आज उसका नतीजा है कि आज देश भर के स्थानीय निकायों में हमारे पास 15 लाख चुनी हुई महिला नेता हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राजीव गांधी का सपना अभी तक आधा ही पूरा हुआ है, इस बिल के पारित होने के साथ वो पूरी तरह से पूरा हो जाएगा। कांग्रेस पार्टी इस बिल का समर्थन करती है। मैं एक सवाल पूछना चाहती हूं देश की स्त्रियां अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी का इंतजार कर रही हैं लेकिन अभी भी इसके लिए उन्हें कितने वर्ष इंतजार करना होगा? कांग्रेस की मांग है कि यह बिल तुरंत लागू किया जाए और इसके साथ ही जातीय जनगणना भी कराई जाए। साथ ही एससी-एसटी और ओबीसी आरक्षण की भी व्यवस्था की जाए।
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं सोनिया गांधी के क्रेडिट वार पर बीजेपी भी जमकर पलटवार कर रही। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि आप कह रहीं कि निकाय में महिला आरक्षण आपकी वजह से हुआ, तो उसमें क्यों ओबीसी को रिजर्वेशन नहीं मिला।
उन्होंने आगे कहा कि नियम के मुताबिक ही देश में जनगणना होगी, उसके बाद 2026 में परिसीमन किया जाएगा। ऐसे में हम इसे कैसे तुरंत लागू कर दें? क्या आप चाहती हैं कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट जाए और वहां से खारिज हो जाए। क्या कांग्रेस चाहती है कि महिलाएं आरक्षण से वंचित रहें।












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