रोज गोमूत्र पीकर गंगा आर-पार करती हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली सोनी चौरसिया
वाराणसी। विश्व रिकार्ड अपने नाम करने के लिए वाराणसी की बेटी सोनी चौरसिया ने जब सोमवार की शाम छह बजे अपने कदम उठाए तो फिर रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद शनिवार की रात 9.20 बजे ही उन्हें आराम दिया। जी हां लगातार 124 घंटे कथक नृत्य कर सोनी ने केरल के त्रिचूर की हेमलता कमंडलु का 123 घंटे 20 मिनट तक मोहिनी अट्टम नृत्य का रिकार्ड तोड़ दिया। तो भईया बच्चन की नवासी आराध्या पढ़ेगी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में?

लगातार पांच दिनों तक कथक करने के बावजूद भी सोनी के चेहरे पर ना ही कोई थकान का निशान था और ना ही उनके कदमों में किसी भी तरह की लड़खड़हाट। सोनी का नाम जब गिनीज़ बुक ऑफ द रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। इस अदभुत, अकल्पनीय और अविष्मरणीय अंजाम तक पहुंचने के बाद सोनी ने एक हिंदी न्यूज पेपर से बातचीत की और अपने प्रैक्टिस के बारे में बताया।
गोमूत्र पीती हैं सोनी
सोनी चौरसिया खुद को फिट रखने के लिए खान-पान का खासा ध्यान रखती हैं। सोनी बताती हैं कि सुबह वह शहद के साथ गोमूत्र लेना नहीं भूलती। इसके साथ ही कंवलगट्टे का हलवा और चुकंदर-अनार का जूस भी उसके लिए अचूक औषधि बना।
रोज गंगा पार करती हैं सोनी
सोनी ने लंबे समय तक खड़े रहने के लिए काफी जतन किया है। वो छह महीने से प्रतिदिन आठ किलोमीटर नंगे पांव रेत पर दौड़ने के साथ ही गंगा आर-पार होती थी। सोनी ने बताया कि वो मणिकर्णिका से रामनगर पीपा पुल तक नंगे पांव गंगा की रेत पर दौड़ती थी। सोनी ने कहा कि उनकी यही जतन विश्व रिकार्ड बनाने में वरदान साबित हुआ।
बहुत पहले 87 घंटे में ही हार गई थी सोनी
सोनी ने अपनी पुरानी बाते शेयर करते हुए बताया कि आर्य महिला पीजी कॉलेज में 17 नवंबर 2015 को 87 घंटे 18 मिनट नृत्य करने के बाद दोबारा खड़ा होने की हिम्मत न जुटा पाने के पीछे पर्याप्त रियाज की कमी ही मूल वजह थी।
पान बेचते हैं सोनी के पिता
सोनी के पिता श्याम चंद्र चौरसिया पान की दुकान चलाते हैं। सोनी का परिवार वाराणसी के बीबीहटिया मुहल्ले में रहता है। बेहद सामान्य परिवार की सोनी की दो बहनें और दो भाई हैं।












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