शाहबुद्दीन ने जड़ा था पुलिसवाले को थप्‍पड़ फिर खत्‍म हो गया गुड़ागर्दी का साम्राज्‍य

पटना (मुकुंद सिहं)। 2004 का बहुचर्चित तेजाब कांड मे आज बाहुबली शहाबुद्दीन को सीवान की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले मे बुधबार को राजद के सांसद शहाबुद्दीन एंव तीन अन्य को दोषी करार दिया गया था। आपको बताते चले कि क्या था, 2004 का बहुचर्चित तेजाब कांड। जैसे ही 16 अगस्त 2004 की वारदात याद आती है तो रोंगटे खड़े हो जाते है। आज से 11 साल पहले सीवान जिले का प्रतापपुर गांव जहां जान की भीख मांगते दो सगे भाई गिरीश राज और सतीश राज पर आहिस्ता आहिस्ता गिरता तेजाब उनकी सांसे थाम रहा था। दो भाईयों को तेजाब से नहलाने वाले बाहुबली शहाबुद्दीन को उम्रकैद

Mohd. Shahabuddin
देखते ही देखते गिरीश राज और सतीश राज का शरीर बेजान हो गया और जली गली लाश पुलिस ने बरामद की। गौरतलब हो कि आज से 11 साल पहले सीवान के मुख्या बाजार में चंद्रकेश्वर प्रसाद के साथ शहाबुद्दीन की झड़प हो गई थी। चंद्रकेश्वर को सीवान में चंदा बाबू के नाम से भी जाना जाता है। झगड़ा चंदा बाबू की बेशकीमती जमीन को लेकर शुरू हुआ था। जिसके बजह से गोशाला रोड वाले घर से और शहर की दुकान से चंदा बाबू के तीनों बेटों गिरीश, सतीश और राजीव को अगवा कर बंधक बनाकर शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर ले जाया गया। सनसनीखेज खुलासा: मोदी के विरोधी अजय राय ने शहाबुद्दीन से खरीदी थी AK-47 राइफलें

जब सतीश और गिरीश को शहाबुद्दीन के गुर्गे तेजाब से नहा रहे थे तभी राजीव किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। राजीव इस मामले का मुख्य गवाह बना लेकिन 2014 में कोर्ट में पेशी से ठीक पहले उसकी भी सीवान में डीएवी गोल चक्कर के पास हत्या कर दी गई। सीवान की अदालत ने इस घटना को दुर्लभतम श्रेणी में रखा था जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि शहाबुद्दीन को उम्र कैद की सजा हो सकती है। गौरतलब हो कि आरजेडी के पूर्व विधायक और सांसद शहाबुद्दीन पर कई संगीन मामले चल रहे हैं।

लगभग आधा दर्जन मामलों में वो कई वर्षों से जेल में बंद हैं। शहाबुद्दीन की छवि 90 के दशक में सीवान के रॉबिनहुड की थी और कहा जाता था कि वहां कानून का राज नहीं बल्कि शहाबुद्दीन का शासन चलता है। अपको बताते चले कि 2001 में ही पुलिस जब राजद के स्थानीय अध्यक्ष मनोज कुमार पप्पू के खिलाफ एक वारंट तामील करने पहुंची थी तो शहाबुद्दीन ने गिरफ्तारी करने आए अधिकारी संजीव कुमार को थप्पड़ मार दिया था। शहाबुद्दीन के सहयोगियों ने पुलिस वालों की जमकर पिटाई कर दी थी।

इसके बाद बिहार पुलिस शहाबुद्दीन के गिरेबान तक पहुंचने की कोशिश में उसके प्रतापपुर वाले घर पर छापेमारी की थी, लेकिन अंजाम बेहद दुखद हुआ था। शहाबुद्दीन के गुर्गों ने बेखौफ होकर पुलिस पर फायरिंग कर दिया था करीब तीन घंटे तक दोनों तरफ से हुई इस गोलीबारी में तीन पुलिस वाले मारे गए थे। इसके बाद पुलिस को खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा था। इस संगीन वारदात के बाद भी शहाबुद्दीन के खिलाफ कोई मजबूत केस नहीं बनाया गया था। लेकिन आईएएस सीके अनिल और आईपीएएस रत्‍न संजय ने शहाबुद्दीन के भय के साम्राज्‍य को तहस-नहस करते हुए कानुन के सिकंजे मे कसा था।

आपके बताते चले कि तेजाब कांड की वारदात के समय सीके अनिल सीवान के डीएम थे और रत्‍न संजय कटियार एसपी थे। इन्‍हीं दो जांबाज अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ शहाबुद्दीन के प्रतापपुर स्‍थित घर पर छापेमारी की थी। छापेमारी में शहाबुद्दीन के घर से पाकिस्‍तान में बने हथियार बरामद हुए थे। इतना ही नहीं उसके घर से बरामद एके-47 राइफल पर पाकिस्‍तानी ऑर्डिनेंस फैक्‍ट्री के छाप लगे थे। ये हथियार केवल पाकिस्‍तानी सेना के लिए होते हैं।

साथ ही बाहुबली नेता के घर से अकूत जेवरात और नकदी के अलावा जंगली जानवरों शेर और हिरण के खाल भी बरामद हुए थे। उस वक्‍त के डीजीपी डीपी ओझा ने शहाबुद्दीन के पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ से संबंध होने की बात स्‍वीकारी थी। साथ ही इसे साबित करने के लिए सौ पेज की रिपोर्ट पेश की थी। शहाबुद्दीन के इस काले कारनामे पर से पर्दा हटाने वाले ओझा का तत्‍कालीन बिहार सरकार ने तुरंत से तबादला कर दिया था। इस वीभत्स घटना के 11 साल बाद चंद्रकेश्वर प्रसाद ऊर्फ चंदा बाबू को न्याय मिलने की आस जगी है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+