गायक उदित की वजह से गांव में हुआ बिजली का उदय, लोगों ने देखी पहली बार रोशनी
मुंबई। मखमली आवाज के मालिक गायक उदित नारायण के गानों का मुरीद तो पूरा हिंदुस्तान है, मोहक मुस्कान के मालिक उदित नारायण जितना अच्छा गाना गाते हैं, उतने ही अच्छे वो दिल से भी हैं, ये कहना हमारा नहीं, बल्कि उनके पैतृक गांव बैसी के लोगों का है, जिनकी जिंदगी आज उदित नारायण की वजह से ही रोशन हुई है। दरअसल गायक उदित नारायण बिहार के सुपौल जिले के बैसी गांव के रहने वाले हैं, इसी गांव की गलियों में, उदित का बचपन बीता है लेकिन इस गांव में आजादी के इतने साल बाद भी बिजली नहीं थी।

उदित नारायण ने पूछा था नीतीश कुमार से सवाल
मुंबई मिरर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक कुछ वक्त पहले 'पद्म भूषण' पुरस्कार से सम्मानित उदित नारायण की मुलाकात नवाडा के एक सांस्कृतिक प्रोग्राम में सीएम नीतीश कुमार से हुई थी, जहां बातों-बातों में गायक ने नीतीश कुमार से पूछा था कि सीएम साहब आखिर कब तक मेरा गांव बिना रोशनी के रहेगा।

नीतीश कुमार ने किया था वादा
सीएम नीतीश कुमार ने तब मुस्कुराकर उदित नारायण से कहा था कि बहुत जल्द आपके गांव से अंधेरा हमेशा के लिए मिट जाएगा और आपको हमसे या प्रशासन से कोई शिकायत नहीं रहेगी, मैं वादा करता हूं।

और बैसी गांव में बिजली आ गई ...
और इसी कार्यक्रम के कुछ समय बाद ही बैसी गांव में बिजली आ गई , जिससे उदित बहुत खुश हैं और उन्होंने सीएम का धन्यवाद भी किया है लेकिन गांव के निवासी अपने बेटे को इस बात का क्रेडिट दे रहे हैं। इसलिए उन्होंने अपने बेटे उदित को मैथिल पाग पहनाकर सम्मानित किया।

गांव के अंधेरे में बीता उदित नारायण का बचपन
इस बारे में उदित ने मुंबई मिरर से कहा कि जब मैं गांव पहुंचा था तो वहां अपनी झोपड़ी देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए, मैंने इसी झोपड़ी में लालटेन और ढिबरी में पढ़ाई की थी लेकिन आज मैं बहुत खुश हूं कि कि यहां अब बिजली है और अब यहां के बच्चों को कोई दिक्कत नहीं होगी। मैं सीएम साहब का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने अपना वादा पूरा किया।












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