Sikkim Landslide: भूस्खलन की चपेट में आया Army Camp, कौन थे 3 शहीद जवान? लेफ्टिनेंट के परिवार समेत 6 लापता
Sikkim Landslide Army Camp: पूर्वोत्तर के राज्य सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और मिजोरम इन दिनों मौसम की मार झेल रहे हैं। भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने इन इलाकों में तबाही मचा दी है। सिक्किम में भारतीय सेना की एक छावनी भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिसमें तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक अधिकारी, उनकी पत्नी और बेटी समेत कुल छह लोग लापता हैं।
सिक्किम भूस्खलन हादसा कैसे हुआ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सिक्किम के लाचेन के छातेन क्षेत्र में रविवार शाम भारी बारिश के दौरान अचानक पहाड़ दरक गया। इससे सेना की छावनी मलबे में दब गई। इस दौरान मौके पर मौजूद जवानों को खुद को बचाने का थोड़ा बहुत मौका मिला। हालांकि तीन जवान शहीद हो गए और चार अन्य को बचाव दलों ने सुरक्षित निकाल लिया, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। घटनास्थल पर सेना और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।

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शहीद हुए सैनिकों की पहचान
- लांस नायक मनीष ठाकुर - सिरमौर जिला, हिमाचल प्रदेश
- हवलदार लखविंदर सिंह - पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
- पोर्टर अभिषेक लखड़ा - (राज्य की पुष्टि नहीं)
लापता लोगों की सूची
- लेफ्टिनेंट कर्नल प्रीतपाल संधू
- उनकी पत्नी आरती संधू (सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर)
- बेटी अमायरा संधू
- सूबेदार धर्मवीर
- सिपाही सइनुद्दीन पी.के.
- सिपाही सुनीलाल मुचाहरी

हवलदार लखविंदर सिंह: एक महीने पहले बने थे बेटी के पिता
शहीद हवलदार लखविंदर सिंह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव धुरिया पलिया के रहने वाले थे। वे करीब 15 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। डेढ़ महीने पहले ही उनके घर बेटी ने जन्म लिया था। वे हाल ही में छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनके एक 5 वर्षीय बेटे भी हैं। उनके पिता गुरुदेव सिंह किसान हैं।
हिमाचल के मनीष ठाकुर की तीन माह पहले हुई थी शादी
सिक्किम में हुए भीषण भूस्खलन ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के बड़ाबन गांव के जवान मनीष ठाकुर की जिंदगी लील ली। 27 वर्षीय मनीष, हाल ही में तनु से विवाह बंधन में बंधे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। ड्यूटी पर लौटे मनीष लैंडस्लाइड की चपेट में आ गए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। 6 मार्च 2025 को मनीष की शादी हुई थी और 10 अप्रैल को वे फिर से अपनी ड्यूटी पर सिक्किम लौटे थे। तनु की हथेलियों पर सजी मेहंदी का रंग अभी उतरा भी नहीं था कि यह दुखद समाचार आ गया।

छत्ते गांव में था पोस्टिंग, सेना की डोगरा यूनिट में थे लांस नायक
मनीष ठाकुर सिक्किम के छत्ते गांव में तैनात थे, जहां अचानक हुए भूस्खलन ने उनकी जान ले ली। इस हादसे में कुल तीन जवान शहीद हुए हैं। मनीष 2016 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में डोगरा यूनिट में लांस नायक के पद पर कार्यरत थे।

गांव में पसरा मातम, पिता करते हैं मजदूरी
मनीष के पिता जोगिंदर सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मनीष अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और एक छोटा भाई छोड़ गए हैं। गांव के हर घर में मातम है, हर आंख नम है।
पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शहीद मनीष का पार्थिव शरीर हेलिकॉप्टर के माध्यम से चंडीगढ़ होते हुए बड़ाबन गांव लाया जाएगा। सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक सेवानिवृत्त मेजर दीपक धवन ने शहादत की पुष्टि की है और बताया कि मनीष का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री का श्रद्धांजलि संदेश
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: "पीलीभीत के वीर सपूत हवलदार लखविंदर सिंह के बलिदान को शत्-शत् नमन। उनका यह त्याग राष्ट्र सदा याद रखेगा।"
एनडीआरएफ की टीम रवाना
भाषा न्यूज एजेंसी के अनुसार, मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 23 सदस्यीय टीम को छातेन भेजा गया है। यह टीम सैटेलाइट फोन और आपातकालीन उपकरणों से लैस है। एक हेलीकॉप्टर के ज़रिये यह दल पाकयोंग हवाई अड्डे से छातेन आर्मी कैंप की ओर रवाना हुआ।
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