Chandrayaan-3: इस जगह से विक्रम और प्रज्ञान को जगाने के लिए भेजे जा रहे सिग्नल, अभी तक नहीं मिला रिस्पांस
चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सूर्योदय हो गया है। सूर्य की किरणें सीधे तौर पर प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर के पैनल पर पड़ रहीं। इसरो की टीम भी दोनों अहम उपकरणों को जगाने की कोशिश में लगी हुई है। माना जा रहा है कि आज किसी भी वक्त वो सिग्नल भेज सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रयान-3 के उपकरणों को जगाने के लिए फ्रेंच गुयाना के कौरौ (Kourou) में स्थित 15 मीटर एंटीना से लगातार सिग्नल भेजे जा रहे हैं। इसको यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने तैयार किया है।

खबर लिखे जाने तक विक्रम लैंडर या फिर प्रज्ञान रोवर की तरफ से कोई सिग्नल नहीं मिला। हालांकि उम्मीद अभी बाकी है। इसरो की टीम उससे संपर्क स्थापित करने में लगी हुई है।
स्पेस की गतिविधियों पर नजर रखने वाले Scott Tilley नाम के यूजर ने चंद्रयान-3 से जुड़ी डिटेल साझा की है। उन्होंने लिखा कि शैड न्यूज, चंद्रयान-3 को सिग्नल भेज गए हैं, लेकिन उसने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या कह रहे भारतीय वैज्ञानिक?
गुजरात में स्थित अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक नीलेश देसाई ने मामले में अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पहले हमने 22 सितंबर की शाम को प्रज्ञान रोवर और विक्रम लैंडर को फिर से सक्रिय करने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ कारणों से अब हम इसे कल 23 सितंबर को करेंगे। हमारी योजना लैंडर और रोवर को स्लीप मोड से बाहर निकालने और इसे फिर से सक्रिय करने की है। अभी रोवर लैंडर से 105 मीटर की दूरी पर है। अगर सब कुछ सही रहा, तो हम इसे 300-350 लेकर जाएंगे।
उपकरणों के गर्म होने का इंतजार
चांद पर 14 दिन उजाला और 14 दिन रात रहती है। जिस इलाके में चंद्रयान-3 है, वहां पर रात के वक्त तापमान माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। वहां पर सूर्योदय तो हो गया है, लेकिन अभी इंतजार किया जा रहा, ताकि उसके उपकरण गर्म हो जाएं।












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