सेना पर एफआईआर मामले में सुब्रमण्यम स्वामी के निशाने पर आईं रक्षामंत्री सीतारमण
नई दिल्ली। हाल ही में जम्मू कश्मीर के शोपियां में पत्थरबाजों पर सेना द्वारा की गई गोलीबारी को लेकर सेना के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के मामले में भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहली बार नहीं है जब सुब्रमण्यम स्वामी ने पार्टी के ही किसी नेता को निशाने पर लिया है। रक्षामंत्री द्वारा जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती के बयान का खंडन किए जाने पर सुब्रमण्यम स्वामी ने आलोचना की है।

रक्षा मंत्री की एक हफ्ते की खामोशी पर पार्टी को नोटिस में लेना चाहिए
सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर लिखा कि एफआईआर पर जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विधानसभा में दिए गए बयान का रक्षा मंत्री सीतारमण ने खंडन नहीं किया है। इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री की एक हफ्ते की खामोशी पर पार्टी को नोटिस में लेना चाहिए। हम सेना पर एफआईआर दर्ज किए जाने को स्वीकार नहीं कर सकते।' हालांकि अभी तक स्वामी के ट्वीट का रक्षामंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

सेना ने सेल्फ डिफेंस में चलाई थीं गोलियां
बता दें कि पिछले हफ्ते 10 गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों का काफिला मूवमेंट के लिए बालपुरा से अन्य ठिकाने के लिए निकला था। जिस पर स्थानीय लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। सेना के जेसीओ ने भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन पत्थरबाजी जारी रही। इस बीच एक पत्थर लगने से जेसीओ बेहोश होकर गिर गए। इसके बाद तीन से चार हवाई फायरिंग कर पत्थरबाजी कर रहे लोगों को चेतावनी दी गई। लेकिन भीड़ और उग्र हो गई, सेना ने सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई थी।

इस मुद्दे पर भाजपा और पीडीपी आमने सामने आईं
इस मामले में पुलिस ने सेना केएक मेजर और जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी जिसके बाद सेना ने भी एक काउंटर एफआईआर दर्ज कराई थी। राज्य की सीएम महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा ने सेना की कार्रवाई की विरोध किया था। इसके बाद सत्ताधारी गठबंधन पीडीपी और बीजेपी के बीच इस मामले को लेकर तनाव देखा गया था। बीजेपी इस एफआईआर को वापस लेने की मांग कर रही है, लेकिन सहयोगी पार्टी ने एफआईआर वापस लेने से इंकार कर दिया है।












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