उद्धव ठाकरे ने फिर उठाया राम मंदिर का मुद्दा, कहा- बीजेपी इसके लिए विशेष कानून बनाए
मुंबई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को दशहरा के मौके पर अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करने के लिए कानून बनाने की एक बार फिर से मांग की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए राम मंदिर का मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इसका आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है। ठाकरे ने शिवाजी पार्क में एक के बाद एक कई मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखी।

मुंबई के शिवाजी पार्क में मंगलवार की रात को शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर पर नहीं बोलने की सलाह दी थी क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उद्धव ने कहा, लेकिन यह मामला पिछले 35 साल से लंबित है। अदालतें उस दिन बंद रहती हैं जिस दिन राम ने रावण का वध किया और उस दिन भी जब राम अयोध्या लौटे थे, लेकिन वहां मुद्दा यह है कि क्या राम ने अयोध्या में जन्म लिया था?
उन्होंने कहा, ऐसी खबरें हैं कि इस महीने अदालत फैसला दे देगी, अगर ऐसा नहीं होता तो हम अपनी मांग पर अडिग हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए विशेष कानून बनाया जाए। ठाकरे ने कहा कि, शिवसेना राम मंदिर की मांग राजनीति के लिए नहीं कर रही है। हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं और जब हमें धनुष और बाण चुनाव चिह्न मिला था तब राम मंदिर का मामला भी नहीं था।
भाजपा से गठबंधन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी किया गया जो शिवसेना की कई सालों से मांग थी। शिवसेना प्रमुख ने कहा, अब, अगला एजेंडा समान नागरिक संहिता होना चाहिए। उन्होंने कहा, भाजपा के साथ गठबंधन राज्य के हित में किया गया है। हमें कुछ समझौता करना था। मैं उन शिवसैनिकों से माफी मांगता हूं जिनकी सीट गठबंधन के सहयोगियों को गईं।












Click it and Unblock the Notifications