Maharashtra Politics : राउत बोले- 'गुवाहाटी का ऑफर' मिला, BJP शिवसेना को बर्बाद करने की ताक में
महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत (sanjay raut) ने दावा किया है कि उन्हें बागी विधायकों की तरफ से 'गुवाहाटी आने का ऑफर' मिला था।
मुंबई, 02 जुलाई : शिवसेना नेता संजय राउत (sanjay raut) ने कहा है कि वे शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा कि बालासाहेब के फॉलोअर होने के कारण उन्होंने महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार से बगावत करने का ऑफर ठुकरा दिया। बता दें कि शिवसेना नेताओं के विद्रोह के बाद उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिरी और एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद मिला। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बने। अब संजय राउत ने कहा है, मुझे भी गुवाहाटी के लिए एक प्रस्ताव मिला था लेकिन मैं बालासाहेब ठाकरे का अनुसरण करता हूं और इसलिए मैं वहां नहीं गया। जब सच्चाई आपके पक्ष में है, तो डर क्यों है?

ठाकरे के करीबी राउत को बागी शिंदे का ऑफर
उद्धव के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। हालांकि, कयास फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के लग रहे थे, लेकिन आलाकमान के फैसले के बाद उन्होंने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली। इस पर राउत ने कहा कि फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम की पोस्ट जोड़ना 'मुश्किल' है। उन्होंने कहा, "फडणवीस को केंद्र से सीएम की सीट नहीं मिलेगी। मेरे मुंह से डिप्टी सीएम का शब्द उन्हें शोभा नहीं देता था, लेकिन यह उनका आंतरिक मामला है, मैं इस पर नहीं बोलूंगा।"
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शिवसेना से 50 विधायकों की बगावत
बता दें कि एकनाथ शिंदे की अगुवाई में 39 शिवसेना विधायकों समेत करीब 50 विधायकों ने MVA सरकार से अलग होने का फैसला लिया है। इसके बाद भाजपा के समर्थन से सरकार बनी है। बगावत के बाद विधायकों का दल पहले सूरत गया फिर गुवाहाटी के होटल में शरण ली। सीएम उद्धव के इस्तीफे के बाद विधायक गोवा के रास्ते मुंबई लौटे।

उद्धव बनाम शिंदे : बालासाहेब के शिवसैनिक
मीडिया में उद्धव बनाम शिंदे को बालासाहेब के शिवसैनिकों की लड़ाई की तरह भी पेश किया गया। खुद एकनाथ शिंदे ने कहा कि बालासाहेब का शिवसैनिक मुख्यमंत्री बना है। दरअसल, शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की एमवीए सरकार गिरने के बाद एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस घटनाक्रम के मद्देनजर भाजपा की रणनीति के संबंध में संजय राउत ने कहा, भाजपा मुंबई और महाराष्ट्र से शिवसेना को नष्ट करना चाहती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ED की कार्रवाई पर राउत का जवाब
गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय संजय राउत से पूछताछ कर रही है। इस पर उन्होंने कहा, एक जिम्मेदार नागरिक और सांसद के रूप में, यह मेरा कर्तव्य है कि अगर कोई जांच एजेंसी (ईडी) मुझे समन करती है तो मैं पेश होऊं। समस्या टाइमिंग की है। महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट के बीच ED को उन्हें संदेह था। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने अच्छा व्यवहार किया। बकौल संजय राउत, उन्होंने ED को आश्वस्त किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं फिर आ सकता हूं। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राउत से शुक्रवार को करीब 10 घंटे तक पूछताछ की।

बालासाहेब, उद्धव और राज; विरासत में हिंदुत्व की सियासत ?
यह भी दिलचस्प है कि महाराष्ट्र के राजनीतिक उथल पुथल के बीच एकनाथ शिंदे कैंप की ओर से राज ठाकरे को फोन किया गया था। राज ठाकरे ने खुद भी कहा था कि विधानसभा में बहुमत परीक्षण के लिए उनके पास फोन आया था जिस पर उन्होंने सहमति जताई। गौरतलब है कि राज ठाकरे की आक्रामक छवि के मद्देनजर बालासाहेब के वास्तविक उत्तराधिकारी के रूप में राज का पलड़ा भारी माना जाता था, लेकिन राज ने ठाकरे परिवार से अलग महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का गठन किया। बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच खुद राज उद्धव के हिंदुत्व पर तल्ख टिप्पणी करते देखे जा चुके हैं।

ED के रडार पर संजय राउत
बता दें कि राज्य सभा सांसद संजय राउत को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मंगलवार को ही पूछताछ के लिए पेश होना था। हालांकि, उनके वकील ने जांच एजेंसी के सामने दस्तावेज पेश करने के लिए 13-14 दिनों का समय मांगा था, लेकिन ईडी ने राउत का अनुरोध अस्वीकार कर दिया। बता दें कि इस साल अप्रैल में, ईडी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा और स्वपना पाटकर के नाम से ज्वाइंट प्रॉपर्टी के संबंध में पूछताछ कर रही है। दादर में एक फ्लैट और अलीबाग के पास किहिम में आठ भूमि पार्सल सहित 11.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थीं। इसे पुनर्विकास घोटाला बताया जा रहा है। स्वप्ना शिवसेना नेता के करीबी सहयोगी सुजीत पाटकर की पत्नी हैं।












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