झारखंड में BJP की करारी हार पर शत्रुघ्न सिन्हा ने क्या कहा?
झारखंड में भाजपा को मिली करारी हार के बाद पहली बार शत्रुघ्न सिन्हा का बयान सामने आया है...
नई दिल्ली। झारखंड विधानसभा चुनाव में हार के साथ ही एक साल के भीतर भाजपा के हाथ से मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद एक और राज्य फिसल गया है। सोमवार को घोषित हुए चुनाव नतीजों में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरेजडी के महागठबंधन ने प्रदेश की 47 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, भाजपा को महज 25 सीटें ही मिल पाईं। झारखंड के सीएम रघुबरदास भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। झारखंड में मिली हार को लेकर जहां भाजपा कारणों की समीक्षा में जुट गई है, वहीं कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।

'झारखंड बीजेपी...टाटा-बाय बाय'
झारखंड में भाजपा को मिली हार के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'खामोश! झारखंड बीजेपी...टाटा-बाय बाय! वन मैन शो और टू मैन आर्मी- जैसी कि उम्मीद थी, आपका खेल खत्म हो गया है। अब आगे- दिल्ली, बिहार, बंगाल और अन्य बाकी राज्य! सभी नेताओं को बधाई।' इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, 'सर, अब साफ देखा जा सकता है कि चीजें आपके लिए मुश्किल हो गई हैं। हरियाणा में उम्मीद के मुताबिक और अच्छा प्रदर्शन ना करने के बाद महाराष्ट्र में संयुक्त विपक्ष की ताकत के सामने आपके पैरों की नीचे से जमीन खिसक गई।'

'फिर ना कहना सर, कि मैंने आपको नहीं बताया'
शत्रुघ्न सिन्हा ने एक और ट्वीट करते हुए कहा, 'और निश्चिंत रूप से तब, जब भारत के असली चाणक्य शरद पवार का बेहतरीन नेतृत्व और एक सबसे योग्य पिता का सबसे योग्य बेटा उद्धव ठाकरे हो। अब ईवीएम, खरीद फरोख्त की आपकी सारी चालबाजी के बावजूद, फर्जी प्रोपेगेंडा और सीएए, एनआरसी की अराजकता के बावजदू एक स्पष्ट बहुमत के साथ झारखंड की बारी। फिर ना कहना सर, कि मैंने आपको नहीं बताया, होशियार नहीं किया, खबरदार नहीं किया। सर आइए, राष्ट्र के लिए कुछ करें। हमारे अहंकार, खोखले वादों और विरोधाभासी भाषणों से छुटकारा पाएं।'

झारखंड में क्यों हारी भाजपा
आपको बता दें कि झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की हार के पीछे कई कारण निकलकर सामने आ रहे हैं। इनमें से एक बड़ा कारण रहा, भाजपा और उसके पूर्व सहयोगी आजसू का अलग-अलग चुनाव लड़ना। मतगणना के दौरान ऐसी कई सीटें रहीं, जहां आजसू के अलग लड़ने की वजह से भाजपा को सीधा नुकसान हुआ। अगर ये दोनों दल साथ मिलकर चुनाव लड़ते तो झारखंड का चुनाव परिणाम कुछ और ही होता। इसके अलावा पार्टी के पूर्व दिग्गज नेता सरयू राय की नाराजगी भी भाजपा की हार का कारण बनी। सरयू राय ने इस चुनाव में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला और जमशेदपुर ईस्ट सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए सीएम रघुबरदास को हराया।

एक साल में भाजपा के हाथ से गए 5 राज्य
पिछले एक साल के भीतर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र के बाद झारखंड पांचवां राज्य है, जहां भारतीय जनता पार्टी के हाथ से सत्ता निकली है। हालांकि महाराष्ट्र और झारखंड में भाजपा सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी, लेकिन सरकार बनाने से चूक गई है। इससे पहले साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब की सत्ता से बीजेपी बाहर हो गई थी। पंजाब में एनडीए की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर बीजेपी सत्ता में थी। इसके बाद साल 2018 में हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में पार्टी करारी शिकस्त मिली।












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