थरूर के 'मोदी प्रेम' से थर्रा गई कांग्रेस, कहीं ऐसा न हो कि...

पार्टी महासचिव शकील अहमद ने बताया कि थरूर ने सफाई दी है कि उनका वह मतलब नहीं था जैसा मीडिया ने प्रचारित किया है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार थरूर ने पत्र में कहा है कि वह कांग्रेस तथा धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के प्रति वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विशेष चीजों के लिए मोदी की सराहना कर हम उनके व्यवहार के प्रति जनता की उम्मीद बढ़ाते हैं और ऎसे मानदंड तय करते हैं जिन पर भविष्य में उन्हें परखा जाएगा।
यह भी पढ़ें- बंगाल में आप-कांग्रेस भाई-भाई
थरूर का स्पष्टीकरण पार्टी द्वारा उनके बयान से किनारा किए जाने तथा कई पार्टी नेताओं के उन पर निशाना साधने के बाद आया है। थरूर ने बुधवार को पार्टी मंच से कहा था कि सरकार बनने के बाद से उसके शीर्ष नेतृत्व ने जो बातें कहीं हैं उनकी शब्दावली समावेशीं है और ऎसे में इसका स्वागत न करना बेवकूफी होगी। अलबत्ता उन्होंने यह भी कहा था कि अगर मोदी अपने पिछले अवतार में वापस लौटते हैं और वह "भारत के विचार" का विरोध करते हुए विभाजनकारी राजनीति करेंगे तो कांग्रेस इसका डटकर विरोध करेगी।
पार्टी ने मोदी की तारीफ के उनके बयान से यह कहते हुए किनारा कर लिया था कि यह उनकी निजी राय है। इसके अलावा पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि थरूर को तुरंत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। पार्टी के एक अन्य नेता मणिशंकर अय्यर ने उनके बयान को अपरिपक्व बताते हुए कहा था कि उनके जैसे समझदार व्यक्ति की इन बातों से उन्हें भारी निराशा हुई है। हालांकि विवाद अब थम गया है पर बयानबाजी का दौर लगातार जारी है।












Click it and Unblock the Notifications