Sharad Pawar Adani मामले में JPC नहीं चाहते! संजय राउत और कांग्रेस ने 'विपक्षी एकता' पर क्या कहा?
Sharad Pawar Adani मामले में जेपीसी जांच की डिमांड से किनारा कर चुके हैं। विपक्षी एकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संजय राउत और कांग्रेस ने 'विपक्षी एकता' कमजोर होने की आशंका पर बयान दिए हैं।

Sharad Pawar Adani ग्रुप पर आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की मांग से पीछे हटते दिख रहे हैं। पवार के बयान के बाद संजय राउत और कांग्रेस ने 'विपक्षी एकता' पर बयान दिए हैं। जानिए सियासी अपडेट
प्रधानमंत्री अडानी मामले पर क्यों डर रहे हैं?
अडानी मुद्दे पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बयान पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने नागपुर में कहा, यह उनकी (शरद पवार) निजी राय है, लेकिन अब जनता पूछ रही है कि पीएम अडानी मामले से क्यों डर रहे हैं?
अगर कुछ छिपाने को नहीं तो संसदीय समिति से ऐतराज क्यों?
बकौल नाना पटोले, अगर प्रधानमंत्री कहते हैं कि कुछ भी छिपाया नहीं जा रहा है तो वे (बीजेपी) संयुक्त संसदीय समिति की जांच से क्यों डरते हैं? बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अडानी की शेल कंपनी में 20 हजार करोड़ रुपये निवेश पर आक्रामक हैं।
जेपीसी का अध्यक्ष भाजपा का होगा!
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) सांसद संजय राउत ने कहा, शरद पवार ने कहा कि विपक्ष जेपीसी की मांग कर रहा है लेकिन इससे कुछ नहीं होगा क्योंकि जेपीसी का अध्यक्ष बीजेपी का होगा।
विपक्षी एकता प्रभावित नहीं होगी
बकौल संजय राउत, अडानी को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अपनी राय है लेकिन इससे विपक्षी एकता प्रभावित नहीं होगी। बता दें, अडानी प्रकरण के कारण संसद बुरी तरह बाधित हुई है।
पवार बोले- JPC नहीं, सुप्रीम कोर्ट की समिति!
शिवसेना और कांग्रेस नेताओं से पहले शरद पवार ने एक चैनल के साथ इंटरव्यू के दौरान कहा था, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को अधिक तरजीह दी गई। जेपीसी के बजाय इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की समिति को ही जांच करनी चाहिए।
Recommended Video
अडानी मुद्दे पर संसद बाधित
गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र में दूसरे चरण के दौरान अडानी मुद्दे पर भरपूर हंगामा हुआ। हंगामा और शोरशराबा इतना हुआ कि अधिकांश हिस्से में कामकाज नहीं हो सका। बजट को भी बिना चर्चा के पारित करना पड़ा।












Click it and Unblock the Notifications