शामली अजय पाठक मर्डर केस: भजन गायक के 10 साल के बेटे का शव देख रो पड़ीं महिलाएं, 'हमारे भागवत को रोक लो'
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में भजन गायक अजय पाठक सहित परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। चार लोगों की निर्मम हत्या करने के आरोपी उनके शिष्य हिमांशु सैनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पंजाबी कॉलोनी में अजय पाठक के परिवार की चार लोगों की हत्या के तीन दिन बीत चुके हैं और पूरे इलाके में अजीब सा सन्नाटा पसरा है। वहीं, भजन गायक के मासूम बेटे भागवत का शव पहुंचा तो महिलाएं चीखने लगीं, हर किसी की आंखें नम हो गईं।

भागवत का शव कार में डालकर घूमता रहा आरोपी
उनको यकीन नहीं हो रहा था कि भागवत की निर्मम हत्या कर दी गई है। महिलाओं के आंसू नहीं थम रहे थे। वे बार-बार कह रही थीं, 'हमारे भागवत को रोक लो, इसे कहीं ना जाने दो।' भजन गायक अजय पाठक, पत्नी और बेटी के शव मकान में पाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 10 साल के भागवत का शव कार में डालकर उसे कहीं गायब करने की गरज से घूमता रहा। शव लेकर वह यूपी, हरियाणा के बीच घूमता रहा। पानीपत में उसने गाड़ी में आग लगा दी ताकि शव भी जल जाए।

आरोपी ढाई साल पहले भजन मंडली से जुड़ा था
बताया जाता है कि हिमांशु सैनी करीब ढाई साल पहले भजन मंडली से जुड़ा था। मंडली से जुड़ने के बाद हिमांशु ने अजय पाठक का भरोसा जीत लिया। हिमांशु मंडली में गाने बजाने में सहयोग के अलावा ड्राइविंग भी करता था। अजय का भरोसा जीतने के बाद हिमांशु का परिवार में आना जाना भी शुरू हो गया था। अक्सर रात को हिमांशु उनके घर रुक जाता था। पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात भी हिमांशु अजय पाठक के घर ही रुका था और खाना खाया। हिमांशु ने रात को अजय पाठक के पैर भी दबाए और फिर रात को ही उसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।

आरोपी का अजय पाठक के घर आना-जाना था
पुलिस ने बताया कि हत्यारोपी हिमांशु सैनी ढाई साल से अजय पाठक की भजन मंडली में शामिल था। उसका अजय पाठक के घर काफी आना-जाना था। पुलिस की मानें तो हिमांशु के अजय पाठक पर 60 हजार रुपए थे। जिन्हें मांगने पर गायक ने उसे बेइज्जत किया था। इसे इस वारदात के पीछे बड़ी वजह माना जा रहा है। फिलहाल हत्यारोपी को जेल भेज दिया गया है।

अजय पाठक के परिजनों ने की सीबीआई जांच की मांग
दूसरी तरफ अजय पाठक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने फर्जी खुलासा किया है। इस हत्याकांड में ओर भी कई लोग शामिल है, जिन्हें पुलिस छिपा रही है। पुलिस ने ना तो एफआईआर में लूट की धाराएं लगाई हैं, जिससे परिजनों को पुलिस पर हड़बडाहट में मामले का खुलासा करने का शक है। परिजनों ने शासन से इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।












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