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प्रणब मुखर्जी के निधन पर सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा, नहीं होगा कोई सरकारी कार्यक्रम

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नई दिल्ली। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का आज लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। 84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी की कुछ दिन पहले ब्रेन सर्जरी की गई थी जिसके बाद से वह वेंटिलेटर पर थे। देश के 13वें राष्ट्रपति के निधन के बाद केंद्र सरकार ने सात दिन के राजयकीय शोक का ऐलान किया है। गृह मंत्रालाय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 31 अगस्त से लेकर 6 सितंबर तक राजकीय शोक के दौरान देशभर में सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका हुआ रहेगा और कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं होगा।

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    Seven-day state mourning announced on Pranab Mukherjee death no official event

    बता दें कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया। पूर्व राष्ट्रपति के निधन की जानकारी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर दी है। बता दें कि वह दिल्ली स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती थे, उनके फेफड़ों में संक्रमण की वजह से सेप्टिक शॉक की स्थिति पैदा हो गई थी। प्रणब मुखर्जी की इस महीने ब्रेन सर्जरी हुई थी, जिसके बाद वह गहरे कोमा में चले गए थे। प्रणब मुखर्जी बीते करीब 20 दिन से दिल्ली कैंट के आर्मी अस्पताल (R&R) में भर्ती थे, उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, डॉक्टरों के प्रयास और देश की दुआओं के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    बता दें कि देश के 13वें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ था। 84 साल की उम्र में प्रणब मुखर्जी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लंबे वक्त तक कांग्रेस से जुड़े रहे प्रणब दा वित्त मंत्री, विदेश मंत्री और राष्ट्रपति पद पर काबिज रह चुके हैं। प्रणब मुखर्जी के पिता किंकर मुखर्जी भी देश के स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल रहे। उनका संसदीय कैरियर करीब पांच दशक पुराना है, जो 1969 में कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य के रूप में (उच्च सदन) से शुरू हुआ था। वे 1975, 1981, 1993 और 1999 में फिर से चुने गये।

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    English summary
    Seven-day state mourning announced on Pranab Mukherjee death no official event
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