सीरम इंस्टीट्यूट ने बू्स्टर डोज का डाटा किया सबमिट, SEC ने नहीं दी मंजूरी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट के आने के बाद देश में बूस्टर डोज को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बूस्टर डोज को लेकर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ( एसईसी ) को डाटा सब्मिट किया है। हालांकि SEC यूके की मेडिसन एंड हेल्थकेयर पोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी के बूस्टर डोज को अनुमति देने के बात से सहमत होती हुई नजर नहीं आई।

इंडिया टुडे के मुताबिक सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी को दी गई सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को बूस्टर डोज बनाने की अनुमति नहीं दी गई। सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की मीटिंग 10 दिसंबर को हुई थी। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने जो कोरोना की बूस्टर डोज को लेकर डाटा दिया था, उसमें कहा गया था कि बूस्टर डोज दूसरी डोज देने के 6 महीने बाद दी जाएगी। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका फेज 1 और फेज 2 का क्लीनिकल ट्रायल यूके में हो चुका है। इसको यूके की मेडिसन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी अनुमति दे चुकी है।
जानिए सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने क्या कहा है
SEC ने अपनी जांच में पाया कि सीरम ने यूके में हुई स्टडी के केवल 75 सब्जेट के डाटा को शेयर किया था। इसके अलावा सीरम ने भारतीय जनता से संबंधित बूस्टर डोज का डाटा शेयर नहीं किया था। वहीं दोनों डोज दिये जाने के बाद बूस्टर डोज में कितना इंटरवल होना चाहिए, इसके बारे में भी जानकारी नहीं थी। इसके अलावा सीरम ने लोकल क्लीनिकल ट्रायल डाटा भी बूस्टर डोज के संबंध में शेयर नहीं किया था।
SEC ने सीरम से कहा है कि वह बूस्टर डोज को लेकर ऐसा प्रस्ताव लाएं, जिससे ये साबित हो सके कि भारत में बूस्टर डोज की जरूरत है। वहीं सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने इस बात का आदेश सभी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को दिया है। हाल में बायोलॉजिकल ई ने वैक्सीन को लेकर दोबारा फेज 3 का क्लीनिकल ट्रायल पेश किया था। जिसमें बूस्टर डोज को लेकर बात की गई थी।












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