आतंकियों को फंडिंग के मामले में NIA ने पूछताछ के लिए बुलाया तो रख दी अनोखी मांग
आतंकियों को फंडिंग देने के आरोप में एनआईए ने किया तलब, लेकिन पेश होने के लिए सरकार से चाहते हैं आने जाने का खर्च
नई दिल्ली। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनाईए) ने जब आतंकी गतिविधियों से जुड़े चंदे की जांच के सिलसिले में कश्मीर के अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी के छोटे बेटे नसीम गिलानी को पूछताछ करने के लिए बुलाया तो उन्होंने एक अनूठा जवाब भेजा। नसीम शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने एनाआईए से मांग की है कि उनके घर के पते पर न्योता भेजने की बजाए उनके विश्विद्यालय के चैम्बर में भेजा जाए ताकि वे वहां से अपने आने-जाने का खर्चा मांग सकें।

एनआईए के अधिकारी भी हैरान
एनआईए के चीफ शरद कुमार भी नसीम के पत्र को पढ़कर आश्चर्यचकित हो गए थे क्योंकि इस तरह की मांग आज तक उनके सामने किसी ने नहीं रखी थी। एनाआईए पिछले कुछ दिनों से कश्मीरी आतंकियों की फंडिंग की जांच में लगा हुआ है। इसी के चलते उसने सईद अली शाह गिलानी के दमाद समेत आधे दर्जन से जादा अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एनआईए को नसीम के शामिल होने का भी शक है जिस वजह से उनको एनआईए के दफ्तर बुलाया गया था।

एनआई ने भेजा दूसरा पत्र
हालांकि नसीम ने एनाईए के दफ्तर जाने से तो इनकार नहीं किया पर उनके सामने यह शर्त रख दी जिसको एनआईए ने तुरंत स्वीकार करते हुए नसीम के चैम्बर में एक दूसरा पत्र भेज दिया है।एनआईए के अधिकारियों को इस बात पर शक है कि नसीम ने अपने खर्चे का बंदोबस्त करने के लिए ही यह मांग की है।

ये है असल वजह
एनआईए के एक उच्च अधिकारी ने बताया है कि नसीम एनआईए के सामने आने से इसलिए कतरा रहे हैं क्योंकि उनको डर है कि उनसे एक दूसरे आरोपी अल्ताफ अहमद शाह के सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान इस तरह की रणनीति अपनाइ जाती है ताकि दो लोगों के अलग-अलग बयानों से झूठ पकड़ने में आसानी हो जाए।

बड़े भाई ने खराब तबियत का दिया हवाला
एनआईए ने नसीम के बड़े भाई नईम को भी पूछताछ करने के लिए बुला रखा है लेकिन उन्होंने अपनी खराब तबीयत का हवाला देकर आने से इनकार कर दिया। कश्मीर में आतंक और पत्थरबाजी को बढ़ावा देने के लिए चंदा इकट्ठा करने के मामलों में इन दोनों भाइयों का नाम सामने आया है।












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