Coronavirus के रोगियों के देखते हुए वैज्ञानिकों ने भारत को लेकर कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली। पूरी दुनिया इस वक्त जानलेवा कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। भारत में भी ये संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में अबतक कोरोना वायरस के करीब 570 मामले सामने आ चुके हैं। इससे 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है। भारत सरकार इसके प्रकोप को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इस बीच वैज्ञानिकों ने आंशका जाहिर की है कि अगर देश में संक्रमितों की रफ्तार ऐसी ही बढ़ती रही, तो मई के दूसरे हफ्ते तक भारत में 13 लाख कोरोना के मरीज हो जाएंगे।

न्यूज़ एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है। भारत में कोरोना के मामलों की स्टडी करने वाले COV-IND-19 स्टडी ग्रुप के रिसर्चर्स ने मौजूदा आंकड़ों की स्टडी के बाद ये आशंका जाहिर की है। इस ग्रुप के डेटा साइंटिस्ट्स का मानना है कि भारत में टेस्टिंग रेट बहुत कम है। सिर्फ 18 मार्च को ही देश में कोरोना टेस्ट के लिए 11,500 सैंपल मिले। इससे समझा जा सकता है कि जांच के लिए लोग सामने नहीं आ रहे हैं।
COV-IND-19 स्टडी ग्रुप के एक साइंटिस्ट बताते हैं, 'अभी तक COVID-19 का कोई वैक्सीन अप्रूव नहीं हुआ है और न ही कोई दवा ईजाद की जा सकी है। इस स्थिति में भारत के फेज 2 और फेज 3 के बीच में प्रवेश करने से और भी विनाशकारी परिणाम होंगे, क्योंकि भारत का हेल्थ केयर सिस्टम पहले से ही दबाव में है।' साइंटिस्ट के मुताबिक, अमेरिका या इटली जैसे अन्य देशों में ऐसा ही पैटर्न देखा गया। वहां COVID-19 धीरे-धीरे फैला और फिर अचानक तेजी से मामले सामने आने लगे।' COV-IND-19 स्टडी ग्रुप ने कहा, 'हमारा मौजूदा अनुमान भारत में शुरुआती चरण के आंकड़ों के आधार पर है, जो कि कम टेस्टिंग की वजह से है।'












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