सांसद की अयोग्यता के खिलाफ याचिका पर SC ने पूछा, 'किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है?'
लक्षद्वीप के पूर्व सांसद के लोकसभा से अयोग्य ठहराए जाने के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मोहम्मद फैजल को हत्या की कोशिश में दोषी पाए जाने के बाद अयोग्य करार दिया गया था।

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने पर इस समय कांग्रेस के साथ-साथ तमाम विपक्षी दल सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ हंगामा कर रहे हैं। इसी दौरान लक्षद्वीप के पूर्व सांसद ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि लोकसभा सचिवालय से उनकी सांसदी वापस दिलाई जाए। एनसीपी नेता और संसद की सदस्यता के अयोग्य ठहराए गए मोहम्मद फैजल को हत्या की कोशिश के एक मामले में कवरत्ती सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया था, जिसकी वजह से तत्काल प्रभाव से उनकी सांसदी छिन गई थी। हालांकि, कुछ समय बाद केरल हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी।
लक्षद्वीप के सांसद की अयोग्यता का मामला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य ठहराए जाने को लेकर जारी राजनीति के बीच एनसीपी के एक पूर्व सांसद की अयोग्यता का मसला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में उठा है। अदालत ने इस याचिका पर याचिकाकर्ता के वकील की ओर से बुधवार को सुनवाई की मांग को लेकर सवाल किया है कि इस मामले में किस मौलिक अधिकार का हनन हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका एनसीपी नेता मोहम्मद फैजल की ओर से डाली गई है।
'किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है ?'
मोहम्मद फैजल ने अपनी याचिका में लोकसभा सचिवालय पर आरोप लगाया है कि हत्या की कोशिश के मामले में उनकी सजा पर केरल हाई कोर्ट से रोक लगने के बावजूद उनकी अयोग्यता की अधिसूचना वापस नहीं ली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की खंडपीठ ने मामले पर फैजल के वकील की ओर से बुधवार को ही सुनवाई की मांग पर सवाल किया कि 'किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है ?'
बुधवार को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इस मामले में एनसीपी नेता के वकील ने अदालत से कहा कि याचिकाकर्ता से अपने चुनाव क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार छीना गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह से मनमाना बताया है। इसपर अदालत ने सवाल किया कि वे हाई कोर्ट में क्यों नहीं गए। वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पहले ही मामले पर रोक लगा दी है। तब जाकर सुप्रीम कोर्ट की यह बेंच बुधवार को सुनवाई के लिए राजी हुई है।
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11 जनवरी को सत्र न्यायालय ने दोषी करार दिया था
इससे पहले वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने लक्षद्वीप के पूर्व सांसद की ओर से पेश होते हुए दलील दी थी कि याचिकाकर्ता के दोषी करार देने और उनको मिली सजा दोनों पर हाई कोर्ट के स्थगन के बावजूद उनकी संसद सदस्यता बहाल नहीं की जा रही है। कवरत्ती सत्र न्यायालय ने फैजल को पिछले 11 जनवरी को हत्या की कोशिश में दोषी करार दिया था और उसी दिन से उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई थी। इस संबंध में 13 जनवरी को लोकसभा सचिवालय से जारी अधिसूचना में जानकारी दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में फैजल की ओर से वकील ने कहा है कि 25 जनवरी को ही हाई कोर्ट से उन्हें दोषी करार दिए जाने पर रोक लगाए जाने के बाद भी लोकसभा सचिवालय उनकी अयोग्यता वाली अधिसूचना वापस लेने में नाकाम रहा है। (इनपुट-पीटीआई)












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