'हम चुप रहे हमारा फैसला था, वो ढिंढ़ोरा पीट रहे उनकी मर्जी'

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नई दिल्ली। भारत-पाक में तनाव के बीच पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि ये वक्त सरकार से सवाल करने का नहीं दुनिया को ये दिखाने का है कि हम एक देश, एक आवाज हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हमने भी सर्जिकल स्ट्राइक की इजाजत दी लेकिन शोर नहीं मचाया।

salman khurshid

जो दुनिया के सामने नहीं माना वो अपनी फौज से कहा नवाज ने

18 सितंबर को उरी में सेना के कैंप पर हमला और फिर 29 सितंबर को भारतीय सेना की पाक के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक, इन दोनों घटनाओं ने देश के माहौल को बदला हुआ है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद इसका श्रेय लेते हुए जहां भाजपा नेता जमकर अपनी पींठ ठोक रहे हैं तो वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता संजय निरुपम अप्रत्यक्ष तौर पर इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर सरकार के समर्थन की बात कई बार दोहराई है। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने इस पूरे मामले पर इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत की है।

सर्जिकल स्ट्राइक पर सलमान खुर्शीद का कहना है कि ये स्ट्राइक देश के आत्मसम्मान से जुड़ा मामला है। ये सही है कि इनसे आंतकवाद खत्म नहीं हुआ और हमें आगे भी लगातार प्रयास जारी रखे होंगे। हमें इसके लिए सरहदों से इतर कूटनीतिक तरीके भी अपनाने होंगे।

खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों को लेकर इस सरकार ने कुछ गलत कदम भी उठाए लेकिन इस पर बाद में बात हो सकती है, मुझे नहीं लगता कि ये सरकार से सवाल करने का वक्त है। इस वक्त तो दुनिया को दिखाना है कि हम एक हैं।

 

सर्जिकल स्ट्राइक का मकसद साफ नहीं

सर्जिकल स्ट्राइक पर उठ रहे सवालों पर सलमान ने कहा कि स्ट्राइक्स कोई सवाल नहीं उठा रहा है। ये कुछ लोग हैं जो कह रहे हैं कि वो और ज्यादा जानना चाहते हैं, वो ये सवाल कर रहे है कि पाकिस्तान इसको कैसे झुंठला रहा हैं। अगर स्ट्राइक का मकसद साफ होता तो ये सवाल ना होते लेकिन इसके मकसद के बारे में कुछ नहीं बताया गया।

सलमान ने कहा कि जैसे को तैसा क्या काफी है? उन्होंने कहा कि जब इजराइल किसी पर हमला करता है तो एक स्पष्ट उद्देश्य होता है जैसे ये कि इरान परमाणु बम बनाने पर काम कर रहा है। जब तक एक मकसद नहीं बताया जाएगा। ऑपरेशन की डिटेल ना दें लेकिन लेकिन जो बातें बताईं जा सकता हैं वो बताएं, आप देश में सवाल करने वालों को दबा नहीं सकते।

कांग्रेस ने अपनी सरकार में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में भी बताना शुरू कर दिया है, ऐसा क्यों? इस पर सलमान खुर्शीद ने कहा हमारे खिलाफ एक नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा था। हम मामले पर हमें जिस तरह पेश किया गया उससे हमें बताना पड़ा कि हमारे समय में भी स्ट्राइक्स हुईं।

सलमान ने कहा कि हमने इस बात को गुप्त रखा तो इसका ये मतलब नहीं कि हमने कुछ भी नहीं किया। हमने उसकी सार्वजनिक चर्चा नहीं की ये हमारे फैसला था और वो इसका ढिंढोरा पीट रहे हैं, ये उनका फैसला है।

 

लोगों को जवाब तो देना पड़ेगा

अपनी सरकार के स्ट्राइक्स को गुप्त रखने और अब सरकार से जानकारी मांगने पर सलमान ने कहा कि जब आप किसी बात का एलान करोगे तो जनता की जिज्ञासा भी शांत करनी पड़ेगी।

सलमान खुर्शीद ने 1994 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के समक्ष कश्मीर में मानवाधिकार के उल्लंघन मामले में भारत का पक्ष रखने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी की तरीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह वाजपेयी के लिए सभी दलों के मन में सम्मान था वो जगह कोई दूसरा नेता नहीं ले सकता।

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अरविंद केजरीवाल के सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाए सवालों के बाद जिस तरह से भाजपा नेताओं ने उनपर हमला किया उससे सलमान खुर्शीद बिल्कुल खुश नहीं हैं। सलमान ने कहा कि जब अपने ही लोगों को हम कहेंगे कि वो पाकिस्तान के समर्थक हैं तो इससे हम क्या संदेश दे रहा हैं? यही कि हम एक नहीं हैं बल्कि बंटे हुए हैं।

 

कोई पाकिस्तान की मदद की कैसे सोच सकता है

अरविंद केजरीवाल की ओर इशारा करत हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश का कोई आदमी पाकिस्तान की मदद की कैसे सोच सकता है, इस तरह की बात कहना ही गलत है।

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उन्होंने कहा कि अमन 100 साल चल सकता है लेकिन जंग 100 दिन भी नहीं। मान लें हम पाकिस्तान से ही युद्ध करते हैं तो आखिर में बात करते उसको बंद किया जाएगा। बातचीत ही आखिरी रास्ता है।

सलमान ने कहा कि आज के वक्त में बातचीत मुश्किल है लेकिन भविष्य में बातचीत के अलावा और क्या विकल्प है? आज कोई कहता है कि नहीं युद्ध का ही रास्ता बचा है तो वो भी जब ठंडे दिमाग से सोचेगा तो यही सोचेगा कि युद्ध से कुछ नहीं होने वाला।

 

उत्तर प्रदेश का चुनाव रोटी-रोजगार पर होगा

कश्मीर मुद्दे पर सलमान ने कहा कि हमें इस मामले में किसी भी तरह की कमजोरी नहीं दिखानी चाहिए। उत्तर प्रदेश में सर्जिकल स्ट्राइक के चुनाव का मुद्दा बनने पर पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि यूपी में चुनाव रोजगार और गरीबी जैसे मुद्दे पर होगा।

सलमान खुर्शीद ने कहा कि पूर्व विदेश मंत्री होने के नाते वो मानते हैं कि बातचीत से ही मसले सुलझाए जा सकते हैं लेकिन अभी उसके लिए सही वक्त नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बारामुला में आंतकी हमला कर चुके हैं इसलिए कुछ और कदम उठाए जाने चाहिएं।

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English summary
Salman Khurshid says strikes a matter of our national self esteem
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