'नाम बदलने वाले ही बदल जाते हैं', नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदलने पर सलमान खुर्शीद का हमला, VIDEO
Salman Khursid on Nehru Memorial Museum Renaming: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिल्ली स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलने का फैसला किया है। अब इसे प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड सोसाइटी (PMMS) के नाम से जाना जाएगा। कांग्रेस ने इस पर अपना विरोध किया है।
केंद्रीय पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि नाम बदलकर इतिहास नहीं बदले जा सकते।उन्होंने कहा कि विश्व में ऐसा कहीं नहीं देखा कि नाम बदलकर इतिहास बदले जाते हैं। इतिहास जो है वो है, इसे आप नहीं बदल सकते।

इतिहास पर शोध हो सकता है..
इतिहास जो होता है वो होता है। इतिहास पर टिप्पणियां हो सकती हैं, इतिहास पर शोध हो सकता है। इतिहास पर बैठकर चर्चा कर सकते हैं, इतहिास के नए पहलुओं को उजागर कर सकते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां इतिहास बदलने की कोशिश की गई है, तो वहां बदलने वाले ही बदल गए हैं।
इस पर हमें खेद नहीं
जितने भी प्रधानमंत्री हुए हैं, उनके लिए म्यूजियम बनाया जाए, इसके लिए हमें कोई खेद नहीं है। लेकिन एक बना बनाया इंस्टिट्यूशन, जो नेहरू जी संबंधित है, उसमें बदलाव लाना गलत है। इसलिए हम इसका विरोध करते हैं।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में फैसला
बता दें कि शुक्रवार को सोसायटी के उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसके बाद अब नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड सोसाइटी (PMMS) के नाम से जाना जाएगा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि संकीर्णता और प्रतिशोध का दूसरा नाम मोदी है।
मनीष तिवारी का तीखा हमला
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि इमारतों का नाम बदलने से विरासत नहीं मिटती। जो लोग स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत के निर्माण में जवाहरलाल नेहरू के योगदान को मिटाना चाहते हैं, वो एक बार नेहरू की गहराई को समझने के लिए डिस्कवरी ऑफ इंडिया और विश्व इतिहास की झलक पढ़ें।
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